फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीसी की झाड़ और डीईईओ की चिट्ठी के बावजूद स्कूलों में नहीं पहुंचा मिड-डे मील का मिल्क पाऊडर

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

फतेहाबाद। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को मिड-डे मील में फ्लेवर्ड दूध देने की घोषणा को धरातल पर उतरने में एक साल से अधिक का समय लग गया था लेकिन इसे पटरी से उतरने में कुछ ही दिन लगे हैं। कम से कम फतेहाबाद जिले में तो यही सब हो रहा है। फतेहाबाद जिले के 73 हजार बच्चे मिड-डे मील में फ्लेवर्ड दूध को तरस गए हैं और ये हाल तब हैं जिले के उपायुक्त और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी इस बारे में अपनी एड़ी-चोटी का जोर लगा चुके हैं। इस बारे में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्रोई ने सिरसा वीटा प्लांट के अधिकारियों को लगभग दस दिन पहले पत्र लिखकर मिल्क पाउडर की सप्लाई भेजने को कहा था, लेकिन आश्वासन के बावजूद अभी तक स्कूलों में मिल्क पाउडर नहीं पहुंचा है।
जून के बाद से स्कूलों में नहीं पहुंचा है मिल्क पाउडर, इंतजार में नौनिहाल
फतेहाबाद जिले में मार्च माह से ही स्कूलों में मिड-डे मील में 200 ग्राम फ्लेवर्ड दूध मिलना शुरू हुआ था। दो माह तक ये सिलसिला बिल्कुल सही तरह चला लेकिन पहले तो मई माह में जून के लिए भी फ्लेवर्ड मिल्क पाउडर भेज दिया जबकि जून में सभी स्कूलों में ग्रीष्माकालीन अवकाश हो जाते हैं। इसके बाद स्कूलों से मिल्क पाऊडर के डिब्बे वापस मंगवाए गए। इसके बाद नियमानुसार एक जुलाई से सरकारी स्कूलों के दोबारा शुरू होते ही बच्चों को मिड-डे मील में दोबारा से दूध दिया जाना तय था, लेकिन सिरसा स्थित वीटा प्लांट से मिल्क पाऊडर की डिलीवरी ही स्कूलों में नहीं हुई।
विज्ञापन

डीसी की फटकार के बाद डीईईओ ने लिखी वीटा प्लांट को चिट्ठी, फिर भी नहीं हुई सप्लाई
जून माह के बाद सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील के लिए मिल्क पाऊडर नहीं पहुंचने का मामला जब डीसी डा. हरदीप सिंह के संज्ञान में आया था। उपायुक्त ने इसमें देरी के लिए जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तुरंत इस मामले में कार्यवाही के निर्देश दिए थे। डीसी की फटकार के बाद जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्रोई ने इस संदर्भ में वीटा प्लांट में चिट्ठी लिखकर जिले की डिमांड भेज दी थी। लेकिन इस बात को दस दिन बीतने के बावजूद अभी तक वीटा प्लांट के अधिकारियों ने मिल्क पाऊडर की सप्लाई नहीं की है।
गाडिय़ों की समस्या के चलते रूकी थी सप्लाई, एक दिन का दिया था आश्वासन
8 जुलाई को शिक्षा विभाग की मौलिक शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्रोई ने 8 जुलाई को वीटा प्लांट के अधिकारियों से इस संदर्भ में बात की थी। संगीता बिश्रोई के मुताबिक उस वक्त वीटा प्लांट के अधिकारियों ने उन्हें कहा था कि पिछले कुछ समय से गाडिय़ों की कमी थी, जिसे पूरा कर लिया गया है और जल्द ही सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। लेकिन आज 20 दिन होने के बावजूद अभी तक स्थिति जस की तस है। इस सारी प्रक्रिया में नुक्सान हो रहा है तो वो सिर्फ बच्चों का हो रहा है।
ये है मिड-डे मील में फ्लेवर्ड मिल्क योजना
दिसंबर 2016 में प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने फतेहाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में ऐलान किया था कि प्रदेश सरकार अब मिड-डे मील लेने वाले बच्चों को प्रतिदिन दो सौ ग्राम दूध देगी। हालांकि इतने बड़े पैमाने पर दूध की रोजाना सप्लाई और देखभाल संभव नहीं थी तो सरकर ने फ्लेवर्ड मिल्क पाऊडर की योजना शुरू की है। इसके लिए निकटवर्ती वीटा प्लांट से शिक्षा विभाग को टाईअप करने को कहा गया था। फतेहाबाद के स्कूलों के लिए सिरसा स्थित वीटा प्लांट से अनुबंध किया गया। इसके तहत सप्ताह में तीन दिन तक बच्चों को मिड-डे मील में दो सौ ग्राम दूध प्रति बच्चा दिया जाता है। इसके पीछे सरकार की मंशा थी कि बच्चों को कैल्शियम, प्रोटीन आदि जरूरी तत्व दूध से मिल सकें।
विज्ञापन

आंकड़ों की नजर में मिड-डे मील लेने वाले बच्चे
स्कूल संख्या विद्यार्थी
प्राइमरी 386 44632
मिडल 84 28332
कुल 72964
-----------------
मिड-डे मील में दूध के लिए मिल्क पाउडर की सप्लाई अभी तक शुरू नहीं हुई है। इसके लिए वीटा के प्लांट अधिकारियों से बात की थी, लेकिन अभी तक सप्लाई नहीं भेजी है। वीरवार को इस बारे में औपचारिक पत्र लिखूंगी।’
संगीता बिश्नोई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी फतेहाबाद।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें