अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना।
कर्ज से परेशान किसान ने नहर में कूदकर अपनी जान दे दी। उसका शव पंजाब के सरदूलगढ़ के पास नहर से बरामद हुआ है। पुलिस ने उसके शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। फसल अच्छी न होने के कारण उस पर 8-10 लाख का कर्ज हो गया था। इसी से परेशान होकर उसने नहर में छलांग लगाकर अपनी जान दे दी।
52 वर्षीय करनैल सिंह की पंजाब के गांव हमीरगढ़ (पंजाब) में 3 एकड़ जमीन थी। उसके साले गुलाब सिंह ने बताया कि जमीन घग्घर नदी के किनारे थी, जिस कारण बाढ़ आने से अक्सर फसल खराब हो जाती थी। साल दर साल वह घाटे में जा रहा था, जिस कारण उसने गांव के कोआपरेटिव बैंक से 85 हजार रुपये, मालवा ग्रामीण बैंक से 2 लाख 40 हजार तथा आढ़ती से साढ़े 4 लाख रुपये कर्ज ले रखा था। गुलाब सिंह ने बताया कि उनको खेती में लगभग 8-10 लाख रुपये का नुकसान हो गया। जिसके चलते वे मानसिक रूप से परेशान रहते थे। मानसिक परेशानी के चलते वह इसकी दवाई लेने के लिए टोहाना आते थे। 20 फरवरी को वह दवाई लेने के लिए संगम अस्पताल में आया था। जिसके बाद वह गायब हो गए। जब उन्होंने आसपास में तलाश की तो उसका कोई सुराग नहीं लगा। उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने करनैल सिंह की गुमशुदगी की रपट दर्ज कर उसकी तलाश आरंभ कर दी थी। शनिवार रात को पुलिस ने पंजाब के सरदूलगढ़ शहर के चूडिय़ा हैड से करनैल सिंह के शव को बरामद कर लिया। मृतक के एक बेटा और दो बेटी है। पुलिस ने उसके शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। चौकी इंचार्ज एएसआई खेताराम ने बताया कि गांव हमीरगढ़ निवासी किसान जरनैल सिंह खेतीबाड़ी में नुकसान के चलते परेशान था। जिसके चलते उसने यह कदम उठा लिया। उसके परिजनों के बयान पर कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया।