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आठ दिन से नहीं हो रही धान की बोली, किसानों ने किया प्रदर्शन

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद।
अनाजमंडी के शैड के नीचे पिछले 8 दिनों से धान की बोली न होने का आरोप लगाते हुए दर्जनों किसानों ने शुक्रवार को रोष फैल गया। किसानों का आरोप था कि मार्किट कमेटी के अधिकारी बड़े आढ़तियों से मिलीभगत कर नई अनाजमंडी में तो समय से बोली करवा रहे हैं, लेकिन पुरानी मंडी में बैठे किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है। किसान एकत्रित होकर जब मार्किट कमेटी सचिव से मिलने गए तो किसानों को देखकर मार्किट कमेटी के कर्मचारियों ने कार्यालय के मुख्य गेट को बंद कर दिया। इससे किसानों में रोष फैल गया और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
अनाजमंडी के शैड के नीचे धान लेकर बैठे किसानों ने आज एक बार फिर धान की बोली न होने पर अपना रोष जाहिर किया। किसान एकत्रित होकर मार्किट कमेटी कार्यालय के बाहर पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों को आया देखकर मार्किट कमेटी के कर्मचारियों ने कमेटी के गेट को बंद कर दिया, जिससे किसानों में रोष फैल गया और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों प्रेम चबलामोरी, बबलू, ईस्सर, रामसिंह, दिलबाग सिंह व हरिराम ने बताया कि वह पिछले करीब 8 दिनों से मंडी के शैड के नीचे अपनी धान की फसल को लेकर बैठे हैं, लेकिन बोली नहीं करवाई जा रही। सुबह बोली नहीं कराई जाती और जब वह अधिकारियों से पूछते हैं तो उनको कहा जाता है कि दोपहर को बोली शुरू करा दी जाएगी।
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लेकिन दोपहर को भी बोली नहीं करवाई जा रही है, जिससे उनको भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें अपनी फसलों की पहरेदारी करनी पड़ रही है और वह काफी परेशान होकर रह गए हैं। उन्होंने बताया कि अनाजमंडी में रात के समय धान चोरी का भय भी बना रहता है। किसानों का आरोप था कि मंडी के बड़े व्यापारी जो नई अनाजमंडी में गए हुए हैं, वह अधिकारियों से मिलीभगत कर प्रतिदिन बोली करवा रहे हैं। जबकि यहां पर मात्र दो ही दिन बोली के लिए निर्धारित है।
मार्किट कमेटी के अधिकारी भी इस बारे में उनको कोई सही आश्वासन नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही बोली नहीं करवाई गई तो मजबूरन उनको जाम लगाना पड़ेगा। इस बारे में मार्किट कमेटी के सचिव संजीव सचदेवा ने बताया कि बोली सुचारू रूप हो रही है। अभी नई मंडी में बोली चल रही है और इसके बाद पुरानी मंडी में बोली चालू करवा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि धान की आवक अधिक होने के कारण थोड़ी दिक्कत आ रही है।
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धान बेचूं या बहू लाऊं
अनाजमंडी में अपनी धान बेचने के लिए आए फतेहाबाद के गांव निमड़ी के एक किसान पुत्र बबलू ने अपना दर्द ब्यां करते हुए बताया कि वह आठ दिनों से मंडी में धान लेकर आया हुआ है। 19 नवम्बर को उसकी शादी होने वाली है, लेकिन मंडी में उसकी धान की बोली नहीं की जा रही। उसने कहा कि वह बहू लेकर आए या फिर धान बेचे। उसने बताया कि शादी की तारीख नजदीक आ रही है और उसे शादी के लिए अनेक काम भी करने हैं, लेकिन जब तक धान नहीं बिकेगी, वह मंडी से अपने घर जा भी नहीं सकता।
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