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जिले में अफसरों का टोटा, डीसी, एसडीएम, डीईओ,आरटीओ, रोडवेज जीएम सहित एक दर्जन अफसरों की कुर्सियां खाली

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अमित रूखाया
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फतेहाबाद।
जिले में अधिकारियों का टोटा है। करीब एक दर्जन ए-ग्रेड के अधिकारियों की कुर्सियां जिले में खाली पड़ी हैं, जिसके चलते लोगों के काम और जिले का विकास दोनों ही प्रभावित हो रहे हैं। इनमें डीसी से लेकर नायब तहसीलदार की पोस्ट तक खाली है। हैरानी की बात यह है कि इन एक दर्जन अधिकारियों में से तकरीबन 5-6 अधिकारियों के पद तो पिछले चार-छह माह से ही खाली पड़े हैं। अफसरों की कमी को लेकर अब विपक्ष भी सरकार को घेरने की तैयारी में जुट गया है। उधर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष जल्दी ही जिले में अधिकारियों की नियुक्ति का आश्वासन दे रहे हैं।

डीसी, रतिया एसडीएम, रोडवेज जीएम, डीईओ और आरटीओ का पद खाली
फतेहाबाद जिले के पूर्व डीसी एनके सोलंकी 31 मई को रिटायर हुए थे। 21 दिन बीत गए, लेकिन जिले में नए डीसी नहीं आए हैं। आमतौर पर डीसी के जाने के एक-दो दिन में ही नया डीसी लगा दिया जाता है। लेकिन सरकार इसे छोटा जिला मानकर नजदअंदाज कर रही है। इसके अलावा रतिया एसडीएम का पद भी पिछले तीन माह से खाली है। सीटीएम देवीलाल सिहाग को रतिया एसडीएम का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। एक और एचसीएस अधिकारी की पोस्ट वाले आरटीए सचिव का पद भी कई महीनों से खाली है। एसडीएम को ही यहां का चार्ज दिया गया है। इसके अलावा रोडवेज जीएम का पद भी लगभग 20 दिन से खाली है। पिछले दिनों रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल खुलवाने के लिए सिरसा के जीएम को विशेषकर फतेहाबाद आना पड़ा था। जिला शिक्षा अधिकारी का पद पिछले लगभग एक साल से ही खाली है। पहले सिरसा के डीईओ यज्ञदत्त वर्मा को कार्यभार दिया गया था, अब डिप्टी डीईओ दयानंद सिहाग मोर्चा संभाले बैठे हैं।
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सात ब्लॉक में महज दो बीडीपीओ, तीसरे में ट्रेनी एचसीएस ड्यूटी पर
जिले में सात ब्लॉक हैं। सातवां ब्लॉक नागपुर को बनाया गया है, लगभग एक माह पहले ही जोरशोर से भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला और चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल ने शुभारंभ किया था, लेकिन आज तक यहां पर स्वतंत्र बीडीपीओ नहीं आया है। फतेहाबाद के बीडीपीओ को ही अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। सात में से महज दो बीडीपीओ हैं। जाखल में ट्रेनी एचसीएस नरेंद्र दलाल बीडीपीओ की ड्यूटी पर आए हैं। एक समय तो ऐसा था कि जिले के सभी सातों ब्लॉकों में एकमात्र बीडीपीओ रविंद्र दलाल ही रह गए थे और थक हार कर उन्होंने डीसी को पत्र लिखकर कार्य का बोझ कम करने की मांग की थी।


नगर परिषद में तीन माह में तीन ईओ बदले, सचिव का पद पांच माह से खाली
फतेहाबाद नगर परिषद में पिछले तीन माह में तीन ईओ बदले जा चुके हैं। नए ईओ अमन ढांडा ने दो दिन पहले ज्वाइन किया है। इसके अलावा नप में सचिव का पद पिछले पांच माह से खाली है। जेई हितेंद्र राठी का तबादला तो कर दिया गया लेकिन उनकी जगह कोई नया नहीं आया। सेनेटरी इंस्पेक्टर को भी कालांवाली भेज दिया गया लेकिन नया कोई नहीं भेजा गया। एमई एचके शर्मा को सिवानी भेजा गया, लेकिन एमई का पद फतेहाबाद में खाली रह गया।


जाखल में एसएमओ नहीं तो टोहाना में डॉक्टर ही नहीं
जाखल अस्पताल में एसएमओ का पद पिछले लंबे समय से खाली पड़ा है। न उधर टोहाना में एसएमओ ही रह गए हैं। अस्पताल में, सामान्य चिकित्सक तो बचे नहीं। फतेहाबाद स्वास्थ्य विभाग का हाल भी कुछ ऐसा ही है। फूड इंस्पेक्टर को अनिल विज ने निलंबित किया था, उसके बाद से यहां पर नया फूड इंस्पेक्टर नहीं आया। चिकित्सकों की कमी तो लगातार बनी ही हुई है। भूना में नायब तहसीलदार का पद भी पिछले एक माह से खाली पड़ा है। रतिया में सहायक लोक संपर्क अधिकारी भी नहीं है।


इस बारे में मेरी मुख्यमंत्री जी से बात हुई है। जल्द ही जिले में सभी अधिकारियों की नियुक्तियां कर दी जाएंगी। लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाएंगी। फिलहाल सभी रिक्त पदों के लिए दूसरे अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
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सुभाष बराला, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष, फतेहाबाद ।


जिले में काफी अधिकारियों के पद खाली हैं, ये मामला मेरे संज्ञान में है। जल्द ही प्रदेश सरकार को लिखकर अधिकारियों के पद भरने की मांग रखी जाएगी।
जेके अभीर, एडीसी, फतेेहाबाद ।


विपक्षी बोले, जिले के विकास को अफसर ही नहीं सरकार के पास, प्लान तो क्या खाक होंगे
फतेहाबाद से इनेलो विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने कहा कि डीसी सहित जिले में तकरीबन एक दर्जन अधिकारी के पद खाली पड़े हैं। जिनसे जनता को रोजाना का वास्ता पड़ना है। अगर इसके बावजूद ये स्थिति है तो मतलब साफ है कि प्रदेश सरकार के पास फतेहाबाद जिले के लिए अधिकारी ही नहीं हैं, विकास के लिए प्लान तो क्या खाक होंगे।


अमर उजाला खास खबर...
जिले में अफसरों का टोटा, डीसी, एसडीएम, डीईओ,आरटीओ, रोडवेज जीएम सहित एक दर्जन अफसरों की कुर्सियां खाली
कई ब्लॉकों के बीडीपीओ और नायब तहसीलदार के पदों पर महीनों से नहीं हुई कोई नियुक्ति
बिना अधिकारियों के कैसे होगा जिले का विकास, सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष
विपक्षी नेताओं का आरोप, जिले के विकास को अफसर ही नहीं सरकार के पास, प्लान तो क्या खाक होंगे




20एफटीबीपी08 : रतिया एसडीएम का खाली पड़ा दफ्तर व उनकी कुर्सी ।
20एफटीबीपी09 : जिला शिक्षा अधिकारी का खाली पड़ा दफ्तर व उनकी कुर्सी
20एफटीबीपी10 : रतिया बीडीपीओ का खाली पड़ा दफ्तर व उनकी कुर्सी ।
20एफटीबीपी11 : डीसी दफ्तर में खाली पड़ी सरकारी कुर्सी । (फाइल फोटो)
20एफटीबीपी12 : इनेलो विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ।
20एफटीबीपी13 : भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ।
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