अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। नई पेंशन बनवाने में आ रही समस्याओं से त्रस्त जिलेभर के बुजुर्गों ने बुधवार को जिला प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोल दिया। एक ही दिन में बुजुर्गों ने तीन-तीन सरकारी विभागों के सामने न केवल धरना दिया बल्कि सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। बुजुर्गों ने पेंशन बनाने के लिए अतिरिक्त मेडिकल कैंप की मांग को लेकर डीसी दफ्तर का घेराव किया तो जाकर डीसी धीरेंद्र खड़गटा उनकी समस्या सुनने के लिए अपने दफ्तर से बाहर भी आए और उनकी समस्या का जल्द समाधान का आश्वासन दिया तो जाकर गुस्साए बुजुर्गों का गुस्सा शांत हुआ। इसके बाद नागरिक अस्पताल में 270 बुजुर्गों की जांच की गई। बुधवार को बुजुर्गों के प्रदर्शन को अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने भी समर्थन दिया।
डीसी दफ्तर पर प्रदर्शन करने पहुंचे विभिन्न गांवों के बुजुर्ग रामनिवास, सुरेश, कन्हैया राम, रामफल, हरफूल, मोहन लाल आदि ने बताया कि उन्हें कहा गया था कि नागरिक अस्पताल में एक विशेष कैंप लगाकर उनकी मेडिकल जांच की जाएगी ताकि उनकी पेंशन बनाई जा सके। लेकिन जब वो नागरिक अस्पताल पहुंचे तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि बुधवार को कैंप लगाया तो गया, लेकिन इतने बुजुर्गों का एक साथ मेडिकल होना संभव नहीं है। ऐसे में उन्हें अगले सप्ताह दोबारा आना होगा। क्योंकि पेंशन के लिए बुजुर्गों की उम्र की जांच के लिए आवश्यक मेडिकल जिला मुख्यालय पर ही करने के निर्देश सरकार की ओर से दिए गए हैं।
इतना सुनते ही नागरिक अस्पताल पहुंचे बुजुर्ग भड़क गए और लघु सचिवालय के द्वितीय खंड स्थित समाज कल्याण कार्यालय पहुंचे। यहां पर उन्होंने जब अपनी व्यथा सुनाई तो आरोप है कि विभाग के कर्मचारियों ने उन्हें दो टूक जवाब दे दिया कि उनकी जांच नागरिक अस्पताल में ही होगी और तय नियमों के आधार पर ही की जाएगी। इस बात से उखड़े बुजुर्ग समाज कल्याण विभाग के बाहर ही धरने पर बैठ गए। इसके बाद मौके पर पहुंचे जिला पार्षद एवं माकपा नेता रामचंद्र सहनाल सभी बुजुर्गों को लेकर डीसी दफ्तर पहुंचे और वहीं पर एक बार फिर धरना शुरू कर दिया। नारेबाजी सुनकर अपने दफ्तर से बाहर आए डीसी धीरेंद्र खडग़टा ने बुजुर्गों की समस्या को ध्यान से सुना। इसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात कर उन्हें तुरंत बुजुर्गों की जांच के आदेश दिए। हालांकि इस दौरान कुछ बुजुर्गों ने उनसे मांग की है कि पेंशन जांच के लिए उन्हें बार-बार फतेहाबाद आना पड़ता है जो उनके लिए काफी दूर पड़ता है। इस पर डीसी ने फिलहाल नियमों में बंधे होने की मजबूरी बताई, लेकिन साथ ही आश्वासन दिया कि जल्द ही वो इस संदर्भ में सरकार से बात करेंगे।
कुछ इस तरह सुनाई बुजुर्गों व उनके परिजनों ने अपनी व्यथा
‘पिछले तीन सप्ताह से बार-बार पेंशन बनवाने के लिए मेडिकल कैंप में आता हूं। लेकिन हर बार भीड़ अधिक होती है और जांच करने वाले डाक्टर कम। जिसके कारण सारे दिन में बामुश्किल 30-35 लोगों की जांच होती है। मेरा गांव जिला मुख्यालय से बहुत दूर पड़ता है, साथ ही बार-बार आना संभव नहीं हो पाता। बुधवार को अगर नहीं आ पाया तो फिर अगले सप्ताह तक बात टल जाती है।’
सुक्खा, ग्रामीण ।
‘मैं अपने रिश्तेदार बुजुर्ग की पेंशन के लिए जांच करवाने आया हूं। ये फतेहाबाद में हमारा दूसरा चक्कर है। पिछले सप्ताह भी यही कहा गया था कि आज चिकित्सक कम हैं, इसलिए अगले हफ्ते आना। लेकिन इस बार भी स्थिति बदली नहीं। ’
सुखचरण सिंह, परिजन।
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डीसी के फोन के बाद हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग
बुधवार दोपहर सैकड़ों बुजुर्ग डीसी दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए तो उनकी समस्या सुनने के लिए डीसी धीरेंद्र खडग़टा खुद पहुंचे और उनकी समस्या जानने के बाद उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि तुरंत अधिकाधिक बुजुर्गों की जांच की जाए। इसके अलावा उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इस संदर्भ में एक रोस्टर बनाकर जांच का शेडयूल तैयार करने को भी कहा। डीसी के फोन के बाद नागरिक अस्पताल में तुरंत व्यवस्थाएं तेज हो गई और जहां आमतौर पर 50-100 से अधिक बुजुर्गों की जांच नहीं हो पाती थी, वो संख्या एक ही दिन में 270 बुजुर्गों तक जा पहुंची।
वर्जन
आज कुछ बुजुर्ग मिले थे। उनकी समस्या थी कि मेडिकल जांच में धीमापन है। दरअसल इस मामले में सरकार के निर्देश हैं कि पेंशन के लिए मेडिकल जांच जिलास्तर पर ही होगी। इस बारे में सरकार से बात की जाएगी ताकि बुजुर्गों के घर के आसपास ही उनकी मेडिकल जांच हो जाए। इससे उन्हें बार-बार फतेहाबाद मुख्यालय आने के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। फिलहाल मेरी जानकारी के अनुसार बुधवार को 270 बुजुर्गों की मेडिकल जांच हुई है।
धीरेंद्र खड़गटा, जिला उपायुक्त, फतेहाबाद।