अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए फतेहाबाद जिले के 355 एनएचएम कर्मचारियों की बर्खास्तगी के नोटिस जारी कर दिए हैं। अगर हड़ताली कर्मचारी रविवार तक अपनी डयूटी पर नहीं लौटते तो इन आदेशों को उनकी बर्खास्तगी के आदेश मान लिया जाएगा। फतेहाबाद जिले में एनएचएम के तहत कुल 430 कर्मचारी कार्यरत हैं। बाकी कर्मचारियों पर भी जल्द ही सरकार फैसला ले सकती है। इस बीच टोहाना में कुछेक कर्मचारियों के काम पर वापिस लौटने की भी सूचना है। सीएमओ डा. मनीष बंसल ने इसकी पुष्टि की है।
उच्चाधिकारियों की ओर से आदेश आने के बाद स्वास्थ्य विभाग प्रशासन की ओर से जिले के 355 एनएचएम कर्मचारियों की नाम सहित लिस्ट को सामान्य हस्पताल में चस्पा दिया गया है जिसमें कहा गया है कि इन कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया जाएगा। इस लिस्ट में एनएचएम कर्मचारियों की एसोसिएशन के कई पदाधिकारियों का भी नाम शामिल है। दूसरी ओर बर्खास्तगी के नोटिस जारी होने के बाद आन्दोलनकारी कर्मचारियों का गुस्सा और भड़क उठा है। आंदोलनरत कर्मचारियों का कहना है कि उनका आन्दोलन जारी रहेगा और वह धरने पर आगे भी बैठे रहेंगे।
शुक्रवार को भी हड़ताली एनएचएम कर्मचारियों ने ताऊ देवीलाल मार्किट स्थित बीजेपी दफ्तर के सामने बर्खास्तगी की धमकी भरे पत्र की प्रतियां जलाकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया था। उधर शनिवार को फतेहाबाद में ही पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बर्खास्तगी के नोटिस जारी होने की बात संज्ञान में होने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में उनकी फि लहाल डीजी हेल्थ से कोई चर्चा नहीं हुई है। सीएम ने ये भी कहा था कि एनएचएम केंद्र सरकार की परियोजना है, ऐसे में अगर कर्मचारियों को कोई मांग रखनी है तो उन्हें प्रदेश सरकार की बजाये केंद्र सरकार के सामने उठानी चाहिए।
आंदोलन लंबा खिंचा तो एंबुलेंस सहित स्वास्थ्य सेवाएं होंगी प्रभावित
एनएचएम के हड़ताली कर्मचारी पिछले पांच दिन से लगातार हड़ताल पर हैं। इस बीच एंबुलेंस सहित कई स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। हालांकि एंबुलेंस की कमी तो बाबा फरीद वेलफेयर सोसाइटी की दो एंबुलेंस व सरकारी एंबुलेंस को चलाने वाले जिला प्रशासन के बाकी ड्राइवर पूरी कर रहे हैं लेकिन अगर कहीं ये हड़ताल और लंबी चलती है तो स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा सकती हैं। सोमवार से डेपुटेशन पर आए चालक भी वापस अपनी मूल डयूटी पर लौट जाएंगे। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस चलाने के लिए ड्राइवरों का टोटा पड़ेगा। इसके अलावा दूर-दराज के पीएचसी-सीएचसी में भी एनएचएम कर्मचारी ही स्वास्थ्य सेवाएं देते थे, ऐसे में वहां पर भी हालात बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।
फतेहाबाद जिले में ये है एनएचएम कर्मचारियों की स्थिति
150 एएनएम
33 ईएमटी
40 ड्राइवर
77 स्टाफ नर्स
20 सूचना सहायक
32 आईवीएसके स्टाफ
30 कम्प्यूटर आप्रेटर
05 फार्मासिस्ट
05 एलटी
38 अन्य स्टाफ
कुल 430
'सरकार एनएचएम कर्मचारियों के साथ नाइंसाफी कर रही है। इतना ही नहीं, पिछले साल खुद सीएम ने भरोसा दिया था कि नियमित करने व सर्विस रूल लागू करने जैसी मांगे जल्द मान ली जाएंगी लेकिन सरकार अब अपने वादे से मुकर रही है। कर्मचारी बर्खास्तगी से डरने वाले नहीं हैं। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहेगी।’
पुष्कर दहिया, राज्य कार्यकारिणी सदस्य, एनएचएम एसोसिएशन।