अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। एक दिन पहले वरिष्ठ इनेलो नेता अर्जुन चौटाला के समक्ष इनेलो में शामिल होने वाले जजपा रतिया युवा हलका अध्यक्ष जसपाल जस्सा को लेकर जजपा और इनेलो में रस्साकशी शुरू हो गई है। सोमवार सुबह ही जजपा युवा जिलाध्यक्ष अजय संधु ने फतेहाबाद में आयोजित एक पत्रकारतवार्ता में जसपाल संधु को लाकर ये दावा कर दिया कि जसपाल संधु इनेलो में शामिल ही नहीं हुए। उधर, जजपा युवा हलकाध्यक्ष जसपाल संधू ने इनेलो में शामिल होने को गलत करार देते हुए इसके लिए सीधे तौर पर इनेलो जिलाध्यक्ष बलविन्द्र कैरों, विधायक रविन्द्र बलियाला और बलवान सिंह को जिम्मेवार ठहराया। जसपाल संधू ने स्पष्ट किया कि वह आज भी जजपा का हिस्सा हैं और हमेशा रहेंगे भी।
इस दौरान उनके साथ जजपा युवा जिलाध्यक्ष अजय संधू, हलका प्रधान जोगेंद्र पूनिया, युवा नेता राकेश सिहाग, पंकज झांझड़ा, पूर्व सरपंच रवि गढ़वाल, विकास मेहता, भूपेंद्र भूना, रविन्द्र कुलडिय़ा, विक्की चीमा, गुरविन्द्र संधू, अशोक मेहता मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान युवा जिलाध्यक्ष अजय संधू ने कहा कि इनेलो व अन्य दलों के नेताओं द्वारा जजपा के बढ़ते जनाधार के भय में अपनाए जा रहे इस तरह के ओछे हथकंड़ों का संगठनात्मक स्तर पर करारा जवाब दिया जाएगा।
पत्रकारों से बातचीत में जजपा हलकाध्यक्ष जसपाल संधू ने बताया कि रविवार शाम उसके कुछ दोस्त एक कार्यक्रम में जाने की बात कह कर जाट धर्मशाला ले गए थे। उसने बताया कि जब वह वहां गया तो वहां युवा इनेलो नेता अर्जुन चौटाला के अलावा इनेलो जिलाध्यक्ष बलविन्द्र कैरों, विधायक रविन्द्र बलियाला व बलर्तन सिंह आदि नेतागण पहले से मौजूद थे। संधू ने आरोप लगाया कि वहां इनेलो जिलाध्यक्ष व विधायकों ने उस पर भावनात्मक दबाव बनाते हुए जबरदस्ती उसे इनेलो का पटका पहना, इनेलो में शामिल होने का प्रचार मीडिया में किया।
इस बारे में बात करने के लिए जब इनेलो विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया को फोन मिलाया गया तो बार-बार फोन करने के बावजूद उन्होंने फोन नहीं उठाया। वहीं जिलाध्यक्ष बलविंदर कैरों ने दबाव डालने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अगर दबाव के चलते वो इनेलो में शामिल हुए थे तो बैठक को संबोधित करते हुए भी ये कह सकते थे। इनेलो परिवार को बढ़ाने के लिए प्रयास आगे भी करते रहेंगे। ऐसा भी संभव है कि जजपा नेताओं ने अब जसपाल संधु पर कोई दबाव डाल दिया हो।