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प्रत्याशियों के अघोषित खर्च को पकडने के लिए प्रशासन की प्लानिंग शुरू, कई उडनदस्ते करेंगे छापामारी

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद। लोकसभा चुनाव-2019 में किसी भी राजनीतिक दल अथवा प्रत्याशी द्वारा अपने खर्च को छिपाना आसान नहीं होगा। प्रत्याशियों के अघोषित खर्च को पकड़ने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा गठित की गई कमेटियां पूरे जिले में चप्पे-चप्पे पर तैनात रहकर न केवल छापामारी करेंगी, बल्कि प्रत्याशियों की प्रचार गतिविधियों को अपने विडियो कैमरों में कैद भी करेगी ताकि प्रत्याशी के खिलाफ कार्रवाई के लिए सबूत भी हाथ में रहें। आचार संहिता की पालना और चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए जिला प्रशासन ने विधानसभा के अनुसार टीमों का गठन किया है। फ्लाइंग स्क्वायड 15, वीडियो सर्विलेंस 6 और स्टेटिक सर्विलेंस टीम बनाई गई है।
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी धीरेंद्र खडगटा ने सोमवार को चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों, गठित कमेटियों के सदस्यों की लघु सचिवालय के सभागार में बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में रोडवेज महाप्रबंधक देवीलाल सिहाग, नगराधीश डॉ जयवीर यादव, डीडीपीओ अनुभव मेहता, डीआरओ राजेश कुमार, डीईटीसी वीके शास्त्री सहित टीम इंचार्ज मौजूद थे।
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खर्च का नियमित ब्योरा देंगे प्रत्याशी
उपायुक्त ने बताया कि इस बार निर्वाचन आयोग ने न केवल नियमों में बदलाव किए हैं बल्कि उन्हें सख्त भी किया है। कोई भी प्रत्याशी आयोग द्वारा निर्धारित 70 लाख रुपये की सीमा से बाहर जाकर खर्च नहीं कर पाएगा। ऐसा करने वाले अथवा नियमित रूप से अपने खर्च का ब्यौरा न देने वाले प्रत्याशी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आयोग द्वारा गठित कमेटियां नाके लगाकर, छापामारी करके, चेकिंग करके और वीडियोग्राफी करके प्रत्याशी द्वारा किए जाने वाले हर खर्च पर कड़ी नजर रखेगी और सबूतों के साथ अपनी रिपोर्ट पेश करेगी जिससे प्रत्याशी अपने खर्च का झूठा ब्यौरा पेश नहीं कर पाएगा। चुनाव आयोग द्वारा हर जिले में नियुक्त खर्च पर्यवेक्षक प्रत्याशियों के पूरे खर्च पर नजर रखेगा।
16 अप्रैल से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया
धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि हरियाणा में 12 मई को होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए 16 अप्रैल से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नामांकन से एक दिन पूर्व अपना बैंक खाता खोलकर इसकी सूचना रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) को देनी होगी और उसके द्वारा किए जाने वाले तमाम खर्चों का भुगतान इसी खाते से केवल चैक के माध्यम से ही किया जाएगा। प्रत्याशी अलग-अलग रजिस्टर लगाकर अपने प्रतिदिन के खर्च का ब्यौरा उनमें दर्ज करेगा। नामांकन से पहले किए जाने वाले खर्च पार्टी के खर्च में शामिल होंगे। चुनाव परिणाम के 90 दिन के भीतर पार्टी को और 30 दिन के भीतर प्रत्याशी को अपने खर्च का पूरा ब्यौरा आयोग को देना होगा।
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प्रचार माध्यमों पर नजर रखने को भी होंगी विशेष टीमें
उन्होंने बताया कि प्रत्याशियों के चुनावी खर्च पर नजर रखने और अघोषित खर्च को पकड़ने के लिए जिला में फ्लाइंग स्क्वायड टीम, वीडियो सर्विलेंस टीम, स्टेटिक सर्विलेंस टीम, वीडियो व्यूइंग टीम, मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मोनिटरिंग कमेटी, एकाउंट टीम, एक्सपेंडिचर मोनिटरिंग सेल का गठन करने के अलावा असिसटेंट एक्पेंडिचर ऑबजर्वर्स की नियुक्ति की गई है। ये प्रत्याशी द्वारा समाचार पत्र, पत्रिका टेलीविजन, रेडियो, सोशल मीडिया व अन्य प्रचार माध्यमों पर नजर रखेंगे और इसकी रिपोर्ट डीईओ को देंगे।
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