समर्थन मूल्य पर मूंगफली खरीद नहीं होने पर किसानों ने किया प्रदर्शन
बीच में ही बोली रोकी, मूंगफली का सैंपल बंद करवाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो।
भट्टूकलां। मूंगफली फसल की सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू करवाने, औने पौने दामों की बोली बंद करवाने व फैक्टरी संचालकों द्वारा लेने वाले सैंपल को बंद करवाने की मांग को लेकर मंगलवार दोपहर बाद किसानों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने मूंगफली की बोली बीच में ही बंद करवा दी। प्रदर्शन के बाद किसानों ने अपनी मांग को मार्केट कमेटी सचिव दिलावर सिंह बैनिवाल के समक्ष रखी। सचिव ने किसानों की इन मांगों को उच्चाधिकारियों के समक्ष भिजवा दिया।
किसान रामचन्द्र सांगा, किसान सभा जिला उपाध्यक्ष कामरेड़ विष्णुदत्त शर्मा, रामजस, रुलीराम, मांगेराम, रोहतास, उदयपाल, हरपाल, रामसिंह, गोपीराम, सज्जन, काशीराम सहित अनेक किसानों ने बताया कि यहां पर मूंगफली के दाम औने पौने मिल रहे है। मूंगफली का सरकारी समर्थन मूल्य 4890 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। जबकि यहां खरीदारों द्वारा 2500 से बोली शुरू कर करीब 4000 रुपये तक ही मूंगफली की खरीद कर रहे है। मंगलवार को कई ढेरियों की कीमत तो 2000 से लेकर 2500 तक ही लगाई। किसानों ने कहा कि कई बार उनकी फसल एक दिन में नहीं बिकती। उन्हें अपनी इस फसल को बेचने के लिए दो दिनों तक इंतजार भी करना पड़ता है। मूंगफली की बोली देने वाले खरीददार पहले ढेरियों पर आकर सैंपल के नाम पर लिफाफे भर कर ले जाते हैं। किसानों ने कहा कि मूंगफली के दाने ठीक निकल रहे है। लेकिन खरीददार गुणवत्ता में कमी बताकर सस्ते में खरीद रहे है। किसानों ने कहा कि अगर उनकी फसल का उचित भाव नहीं दिया गया तो वे अपनी इस फसल को नहीं बेचेंगे।
मार्केट कमेटी सचिव दिलवार सिंह बैनिवाल ने कहा कि किसानों ने खरीदारों द्वारा मूंगफली के सैंपल लिए जाने के बारे में अवगत करवाया है। अगर मूंगफली के सैंपल लिए जा रहे है तो तुरंत प्रभाव से बंद करवा दिए जाएंगे। किसानों की अन्य मांगों के बारे में प्रशासनिक उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
14 मूंगफली खरीद की बोली रोक कर रोष प्रदर्शन करते किसान।