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फतेहाबाद में फिर सफेद मक्खी के आक्रमण की आशंका, ईटीएल लेवल क्रॉस होने से कृषि विभाग में मचा हड़कंप 2

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फतेहाबाद में फिर सफेद मक्खी के आक्रमण से हड़कंप
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फतेहाबाद ।
जिले में नरमे की फसल पर सफेद मक्खी ने आक्रमण कर दिया है। सफेद मक्खी का सबसे ज्यादा प्रकोप फतेहाबाद और भट्टू ब्लॉक में देखा जा रहा है। दो साल बाद नरमे की फसल पर सफेद मक्खी के दोबारा हमले से किसानों के साथ-साथ कृषि विभाग भी सकते में है। कृषि विभाग ने सफेद मक्खी के प्रकोप को देखते हुए शुक्रवार को सभी कृषि अधिकारियों को सर्वे करने के आदेश जारी कर दिए हैं ताकि पता चल सके कि किस क्षेत्र में सफेद मक्खी के चलते कितनी फसल प्रभावित है। हालांकि कृषि उपनिदेशक सफेद मक्खी के प्रकोप को गंभीर तो मान रहे हैं, लेकिन फिलहाल इसे शुरुआती दौर में होने के कारण इस पर नियंत्रण करने की बात कह रहे हैं।
जिले में इस बार 74 हजार 875 हेक्टेयर भूमि पर बीटी कॉटन की बिजाई की गई है। पिछले दिनों बारिश ना होने और सिरसा और सीमावर्ती राज्य से सटे गांवों में बरसात बिल्कुल ना होने से सफेद मक्खी बननी शुरू हो गई थी। 15 जुलाई के बाद यहां बरसात ना होने से तापमान में नियमित रूप से बढ़ोतरी होती गई जिसके चलते सिरसा एरिया की सफेद मक्खी फतेहाबाद माइग्रेट हो गई है और जिले में नरमे की फसल पर संकट मंडराने लगा है। बरसात ना होने से बढ़ी आर्द्रता के कारण हानिकारक कीट पतंगों के लिए मौसम फायदेमंद होता जाता है जबकि मित्र कीट इस मौसम को सहन नहीं कर पाते। जिस कारण नुकसान और अधिक शुरू हो गया।
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ईटीएल लेवल पार कर चुकी है सफेद मक्खी, नुकसान ज्यादा होने की आशंका
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रति पत्ते पर आठ से दस सफेद मक्खी का प्रकोप हो तो ये ईटीएल लेवल नियंत्रत्रित माना जाता है। जबकि वर्तमान में ये स्थिति है कि नरमे के पत्ते पर सफेद मक्खी का प्रकोप ईटीएल लेवल से अधिक है। ऐसे में सफेद मक्खी के साथ दो और दुश्मन कीड़े भी नरमे की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सफेद मक्खी जैसे ही पत्ते पर रेंगते हुए रस चूसती है तो पत्ता काला पड़ने के बाद मुरझा जाता है और उसकी बढ़वार रुक जाती है।

इस प्रकार बढ़ती है बीमारी
देखने में आया है कि अधिकांश किसान देखादेखी कीट नाशक मिक्स करके फसलों पर छिड़काव करते हैं। दो-तीन केमिकल मिक्स करने से नरमे का पत्ता इस केमिकल रिएक्शन को सहन नहीं कर पाता और दुश्मन कीटों के हमले से झेलने में असमर्थ हो जाता है।

ऐसे कर सकते हैं सफेद मक्खी से बचाव
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार नरमे की फसल पर नीम के तेल का छिड़काव करें। एक लीटर दवाई में दो सौ लीटर पानी मिक्स करके दो स्प्रे करें। इससे सफेद मक्खी पर काबू पाया जा सकता है। ऐसे में जैसे ही सफेद मक्खी पत्ते पर बैठेगी, कड़वा स्वाद होने पर वो पत्ते को नुकसान नहीं पहुंचा सकेगी। इसके अलावा अगर आने वाले कुछ दिनों में अच्छी बरसात हो जाती है तो जिले की नरमे की फसल सफेद मक्खी के चंगुल से निकल जाएगी अथवा 2015 की कहानी फिर से दोहराई जा सकती है।

यहां है सफेद मक्खी का सबसे ज्यादा प्रकोप
सफेद मक्खी का सबसे ज्यादा प्रकोप फतेहाबाद और भट्टू खंड के खेतों में खड़ी नरमे की फसल पर देखा गया है। इसके अलावा भूना, रतिया और टोहाना ब्लॉक में भी कुछ जगहों पर नरमे की फसल पर सफेद मक्खी का हमला हुआ है, लेकिन फतेहाबाद-भट्टू के मुकाबले यहां नुकसान फिलहाल कम है। गौरतलब है कि साल 2015 में भी सफेद मक्खी के प्रकोप के चलते पूरे जिले में नरमे की फसल पूरी तरह तबाह हो गई थी।
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पूरे फतेहाबाद जिले में सफेद मक्खी का प्रकोप देखा जा रहा है। सफेद मक्खी ईटीएल लेवल को पार कर चुकी है जो खतरे की घंटी है। बरसात ना होने और तापमान में बढ़ोतरी के कारण सफेद मक्खी आक्रमण करती है। हालांकि ये अभी प्रारंभिक अवस्था में है। फिलहाल इस पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं।’
- डॉ. बलवंत सहारण, कृषि उपनिदेशक, फतेहाबाद ।
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