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अब किसी भी गांव में नहीं होगा रोडवेज बस का रात्रि ठहराव, रात को ही वापिस डिपो में लौटने के निर्देश

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद। जीरो ओवरटाइम के बाद अब रोडवेज विभाग ने गांवों में होने वाले रोडवेज बसों के रात्रि ठहराव पर रोक लगा दी है। अब से किसी भी गांव में रात को जाने वाली बस को सवारियां उतारकर वापस बस स्टैंड में ही लाकर बस खड़ी करनी होगी। यह आदेश वीरवार को चंडीगढ़ में हुई परिवहन विभाग की मीटिंग में दिए गए है। रोडवेज जीएम जयवीर यादव ने आदेशों की पुष्टि की है। माना जा रहा है कि नई व्यवस्था सोमवार से लागू कर दी जाएगी।
बीते दिन चंडीगढ़ में रोडवेज विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में इस बात के निर्णय लिए गए हैं कि रोडवेज बसों को रात में गांवों की बजाए वापिस डिपो में लौटना होगा। हालांकि इस फैसले का यात्रियों के साथ साथ सीधा नुकसान रोडवेज विभाग को भी है। फतेहाबाद जिले की जहां तक बात है, जिले की रोडवेज बसें 9 गांवों में रात्रि प्रवास करती हैं। इनमें नहला, गोरखपुर, हांसपुर, रामसरा, दादुपुर, दैयड,गुरूसर, सिरसा जिले का डिंग व हिसार जिले का बालसमंद गांव शामिल है। सरकार के नए निर्देशों के चलते अब रात को गांव में जाने वाली बस को सवारियों को उतारकर वापिस लौटना पड़ेगा। भले ही वापसी में उस बस में एक भी सवारी ना हो। इसी तरह सुबह रोडवेज बस स्टैंड से बस एक बारगी खाली ही या नाममात्र की सवारियां लेकर गांव में पहुंचेंगी और फिर वहां से सवारियां लेकर वापिस शहर की ओर आएंगी। इस सारी प्रक्रिया में रोडवेज विभाग को भी खासा नुकसान होने की आशंका है।
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बसों के औसत किलोमीटर सुधारने के नाम पर जारी किया निर्देश
अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि ओवरटाइम को जीरो करने के साथ बसों के तेल की प्रति किलोमीटर में सुधार किया जाए। वर्तमान में रोडवेज की एक बस एक लीटर तेल में 4.86 किलोमीटर चल रही है। नए आदेशों के अनुसार इस औसत को 5 किलोमीटर प्रति लीटर करने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए ही बसों को रात्रि प्रवास रद्द कर दिए गए हैं। इतना ही नहीं, रोडवेज उच्चाधिकारियों ने जिले के अधिकारियों को आश्वस्त किया है कि वर्तमान में जो 10 बसों के पीछे औसतन 14 कर्मचारी हैं, उन्हें आने वाले समय में 14 से बढ़ाकर 18 कगर दिया जाएगा । इसके बाद जीरो ओवरटाइम करने में परेशानी नहीं आएगी।
अब तक 196 घंटे कम हुआ ओवरटाइम
जीरो ओवरटाइम लागू होने के बाद से विभाग द्वारा जारी किए गए डाटा के अनुसार विभाग अबतक 196 घंटे ओवरटाइम कम कर चुका है। रोडवेज टीएम कुलदीप जांगड़ा ने बताया कि अगले एक सप्ताह में 150 घंटे और ओवरटाइम कम कर दिया जाएगा।
रात्रि ठहराव नहीं होने से विभाग को होगा आर्थिक नुकसान
बसों के ग्रामीण क्षेत्र में रात्रि ठहराव नहीं करने से विभाग को कैसे आर्थिक नुकसान का झेलना पड़ेगा, इसे समझने के लिए गांव गोरखपुर का उदहारण लेते है। गोखपुर गांव फतेहाबाद से 29 किलोमीटर दूरी पर है। बस के रात्री ठहराव नहीं होने पर बस शाम को वापिस आएगी और सुबह वापिस जाएगी तो बस कुल 54 किलोमीटर अधिक चलेगी जिसका करीब एक घंटा 30 मिनट का चालक व परिचालक का ओवरटाइम बनेगा। इतना ही नहीं बस के आने जाने पर बस का जो तेल जलेगा तथ अन्य खर्च भी होगा वो रहा अलग। ऐसे में बसों के ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि ठहराव का फैसला विभाग के लिए कैसे फायदेमंद होगा, समझ से परे है।
परिचालक नहीं होने के कारण नहीं चली दादुपुर व अजीतनगर बस, लोग परेशान
शुक्रवार को परिचालकों के ओवरटाइम के बदले अवकाश पर जाने से रोडवेज में परिचालकों की कमी होने के कारण दादुपुर व अजीतनगर के लिए बस नहीं चल पाई जिस कारण पूरा दिन स्कूली छात्राओं व ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस संबंध में जब विभाग के डीआई से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दो परिचालकों की कमी है जिस कारण उक्त रूटों पर बसें नही चल पा रही हैं।
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वर्जन
ग्रामीण क्षेत्रों में बसों के रात्रि ठहराव के आदेश मुख्यालय की तरफ से दिए गए है। इसी को लेकर रात्रि ठहराव के रूटों की समीक्षा की जा रही है। जिन रूटों के रात्री ठहराव की आवश्यकता होगी उनमें रात्रि ठहराव की अनुमति के लिए भेजा जाएगा। ’
जयवीर यादव, रोडवेज महाप्रबंधक, फतेहाबाद।
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