अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए तथा उनके सीखने के स्तर में सुधार के लिए शिक्षक ज्यादा समय दें और इसके बेहतर परिणाम के लिए उनके अभिभावकों से भी साथ तालमेल रखें। बच्चों के अभिभावकों के साथ माह में एक बार बैठक अवश्य करे। यह बात उपायुक्त डा. हरदीप सिंह ने शुक्रवार को डाइट मताना में अधिगम संवर्धन कार्यक्रम (एलईपी) के तहत मासिक मूल्यांकन प्रणाली के विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि शिक्षक का समाज में तथा बच्चों का भविष्य उज्ज्वल करने में अहम रोल होता है। इसके लिए सतत प्रयास करे।
उपायुक्त ने कहा कि आज विद्यार्थी को उसकी कक्षानुसार हमें उसके लर्निंग लेवल को जांचना पड़ रहा है, यह चिंतनीय विषय है। उन्होंने कहा कि इसके लिए कही न कही बच्चों के अभिभावक और शिक्षक दोषी है। दोनों ने अपने कर्तव्यों का पालन बखूबी नहीं निभाया है, इसी कारण यह समस्या उत्पन हुई है। इसके विभिन्न कारण रहे हैं, परंतु हमें अब उन कारणों को दूर कर शिक्षा के स्तर को सुधारना होगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा में नकल करने की प्रवृति ने समाज और शिक्षा को नीचे धकेलने का काम किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी अंजू आर्य, डीईओ दयानंद सिहाग, डीईईओ संगीता बिश्रोई, डाईट प्राचार्या कमलेश कुमारी, टेकचंद शर्मा, राकेश मखीजा, अनुराग कुमार, बलवान सिंह, अजय कुमार, सुखदेव सिंह सहित सभी खंडों के शिक्षा अधिकारी, जिला के सभी एबीआरसी व बीआरपी मौजूद रहे।