भूना। नगर पालिका कार्यालय में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जल भराव पर मंथन करते हुए एडीस
भूना। शहर में बारिश के पानी की निकासी के स्थायी समाधान के लिए सोमवार को नगर पालिका कार्यालय में एडीसी की अध्यक्षता में प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने तर्क और सुझाव रखे। दो वर्ष पहले मंजूर हुई स्टॉर्म वॉटर ड्रेन परियोजना के तहत शहर का पानी 17 किलोमीटर दूर पाइपलाइन बिछाकर रंगोई नाले में डाला जाना है पर भी समीक्षा की गई।
अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया और एसडीएम राजेश कुमार फतेहाबाद ने अधिकारियों की टीम के साथ शहर के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उप तहसील कार्यालय, ढाणी सांचला रोड और मॉडल टाउन सहित कई स्थानों पर स्थिति का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने निचले इलाकों, नालों की सफाई और निकासी मार्गों की मौजूदा हालत का मूल्यांकन किया।
शहर में बारिश के पानी के लिए करीब 70 एकड़ भूमि में बना तालाब ही एकमात्र सहारा रहा है, लेकिन लगातार अतिक्रमण और मिट्टी भराई के कारण इसका क्षेत्रफल घटकर लगभग 15 एकड़ रह गया है। वर्ष 2022 और 2025 में शहर बाढ़ जैसे हालात झेल चुका है। अब दो वर्ष से लंबित स्टॉर्म वॉटर ड्रेन परियोजना के जल्द शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने कहा कि जलभराव की समस्या उनके संज्ञान में है और इसे रोकने के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की गई हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, ताकि बारिश से पहले निकासी व्यवस्था दुरुस्त की जा सके। बैठक में चेयरपर्सन अर्पणा पसरीजा, वाइस चेयरमैन नरेंद्र बागड़ी, नगर पालिका सचिव दीपक कुमार, पीडब्ल्यूडी एसडीओ बलबीर सिंह मलिक, जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ भागीराम वर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ. सनी मल्होत्रा, पालिका अभियंता नरेंद्र कुमार, जेई अरुण कुमार आदि मौजूद रहे।