कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए बैंकर्स आएं आगे : डीसी
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
उपायुक्त डॉ हरदीप सिंह ने बैंकर्स को आह्वान किया है कि वे कमजोर वर्ग के लिए चलाई गई सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का फायदा उन तक पहुंचाए। समाज में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मजबूत करने और ग्रामीण के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था में बैंकर्स का अहम रोल है। उपायुक्त मंगलवार को लघु सचिवालय के बैठक कक्ष में जिला स्तरीय समीक्षा समिति बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
डॉ हरदीप सिंह ने सभी बैंकर्स से कहा कि वे राष्ट्रीय स्तर के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अपना सहयोग दे। सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए बैंकर्स आगे आए। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को वित्तीय सहायता/ऋण अविलंब जारी करें। रतिया और टोहाना खंडों में विशेष तौर पर बैंकर्स किसान, गरीबों, महिलाओं और युवाओं को बैंक सिस्टम से जोड़े और उन्हें वित्तीय सहायता नियमानुसार उपलब्ध करवाए। इसके साथ-साथ बैंक अपने रिकवरी का भी ध्यान रखे और अगर उन्हें रिकवरी में किसी प्रकार की दिक्कत आती है तो वे जिला प्रशासन से सहयोग ले सकते हैं। बैंकर्स जागरूकता कैम्प का आयोजन कर लोगों को योजनाओं के बारे जागरूक करे। सरकार ने कुछ पैमानों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित किया है। उन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बैंकर्स आगे आए तथा उसमें अपना अपेक्षित एवं उल्लेखनीय कार्य करे। इस दौरान उन्होंने मुद्रा लोन, स्टैंड अप इंडिया के कार्य में भी तेजी लाने के आदेश दिए।
अतिरिक्त उपायुक्त डॉ जेके आभीर ने सभी बैंकर्स से कहा कि वे जरूरतमंद लोगों को बैंक ऋण उपलब्ध करवाए। ग्रामीण और सामाजिक उत्थान में बैंक की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक मदद दें ताकि वे स्वावलंबी बन सके। ग्रामीण ब्रांच में महिलाओं को ऋण लेने में आ रही दिक्कतों का दूर किया जाए। इस समय जिला में 1100 स्वयं सहायता समूह काम कर रहे हैं और इस साल इनकी संख्या 2500 हो जाएगी। ऐसे में ये ग्रुप ग्रामीण विकास की धूरी बनते जा रहे हैं, इन्हें वित्तीय सहातया समय पर उपलब्ध करवाई जाए। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद थे।