टोहाना। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय आयुष्मान आरोग्य शिविर में पुन्नी फैक्ट्री के 159 वर्करों और स्टाफ की टीबी जांच की गई। जांच के दौरान 17 लोगों के एक्स-रे असामान्य पाए गए हैं। इनके बलगम के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
भूना रोड स्थित पुन्नी फैक्ट्री में आयोजित शिविर का आयोजन ईएसआई के समन्वय से किया गया। उपसिविल सर्जन डॉ. नरेंद्र के निर्देशानुसार उच्च जोखिम वाली आबादी को चिन्हित कर स्क्रीनिंग की गई।
डॉ. नरेंद्र ने वर्करों को टीबी के लक्षण, कारण, बचाव और उपचार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दो सप्ताह से अधिक खांसी, बलगम में खून, वजन कम होना, बुखार, रात को पसीना आना और छाती में दर्द जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवानी चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी का इलाज निशुल्क उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि उपचार ले रहे मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत 1000 रुपये प्रतिमाह सहायता राशि दी जाती है। उच्च जोखिम समूह में पूर्व टीबी मरीज, उनके परिवारजन, एचआईवी संक्रमित, शुगर मरीज, कम बीएमआई वाले लोग, धूम्रपान करने वाले, फैक्ट्री और ईंट भट्ठा कर्मी, बुजुर्ग, मलिन बस्तियों और आश्रमों में रहने वाले लोग शामिल हैं।
इस अवसर पर डॉ. हिमांशु मलिक, कपिल, सुशील, रमेश, सुरेंद्र, मुकेश और राजेंद्र मौजूद रहे। जिला टीम ने निदेशक दीप सिंह पुन्नी को निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों की सहायता करने के लिए प्रेरित किया।