फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक महीना बीता, नहीं बंटा मुआवजा, किसान कर रहे हैं इंतजार

विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहाबाद। अप्रैल मास में ओलावृष्टि और बरसात से नष्ट हुई गेहूं की फसल के मुआवजे की करीब 5 करोड़ रुपये की राशि जिला प्रशासन के पास पहुंचे एक माह होने को है लेकिन अभी तक एक भी किसान के पास मुआवजा राशि नहीं पहुंच पाई है। इसके लिए किसान सरकार के आदेशों के इंतजार में है। हालांकि जिला प्रशासन ने मुआवजा आने की बात तो स्वीकार की है किसानों तक पहुंचने के सवाल पर अधिकारियों का कहना है कि बैंकों यूनिक कोड की वजह से मुआवजा वितरण में देरी हो रही है। तहसीलदार विजय मेहता का कहना है कि एकाध दिन में किसानों को मुआवजा राशि वितरित कर दी जाएगी।
विज्ञापन

ज्ञात रहे कि बीती 17 अप्रैल को जिले में आंधी, बरसात और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को खासा नुकसान पहुंचा था। प्रदेश सरकार ने किसानों की पक्की-पकाई फसलों पर ओलों की मार को देखते हुए विशेष गिरदावरी के आदेश दिए थे। सरकार ने जिला राजस्व अधिकारी के माध्यम से पूरे जिले में 155 पटवारियों और कृषि विकास अधिकारियों से सर्वे कराया था। जिसमें पाया गया था कि कुल 6589 एकड़ रकबे में फसलों को नुकसान हुआ है जिसमें 2057 एकड़ रकबा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कवर है जबकि 4532 एकड़ ऐसा रकबा है जो बीमे में कवर नहीं है। जिला प्रशासन ने 3 मई को सरकार को भेजी गई रिपोर्ट में बताया है कि औसत पैदावार पर ओलावृष्टि की मार पड़ी है जिसके लिए कृषि विभाग ने खेतों में हुए नुकसान को तीन अलग-अलग वर्गों में बांटा था।
राजस्व विभाग ने अपनी रिपोर्ट में उन किसानों की डिटेल भेजी थी जो प्रधानमंत्री बीमा योजना में कवर नहीं हैं। राजस्व विभाग ने प्रदेश सरकार को भेजी गई सर्वे रिपोर्ट में बताया था कि 1349 एकड़ जमीन में 33 से 50 फीसदी नुकसान हुआ है जिसका मुआवजा 94 लाख 3 हजार रुपये बनता है। इसी तरह 50 से 75 प्रतिशत नुकसान 466 एकड़ पर हुआ है। इसके लिए मुआवजा 44 लाख 27 हजार प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा 242 एकड़ में नुुकसान 75 फीसदी से अधिक बताया गया है। इसके लिए 29 लाख मुआवजा तय किया गया है। इनको प्रदेश सरकार मुआवजा अदा करेगी।
विज्ञापन

अबीमित फसलों का नुकसान एवं संभावित मुआवजा
नुकसान प्रतिशत एकड़ संभावित मुआवजा
33 से 50 प्रतिशत 2637 1 करोड़ 84 लाख 59 हजार
50 से 75 प्रतिशत 1216 1 करोड़ 15 लाख 52 हजार
75 से अधिक 679 41 लाख 42 हजार
औसत पैदावार के आधार पर हुआ था सर्वे
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित रकबे की विशेष गिरदावरी के लिए दस गांवों को चिह्नित किया। जहां पर फसल की कटाई, कृषि विभाग, बीमा कंपनी के प्रतिनिधि की उपस्थिति में करवाई गई। औसत आधार पर पैदावार निर्धारित कर क्लेम राशि तय की गई। यानि इस मद में प्रतिशत के आधार पर बीमा ना होकर औसत पैदावार के आधार पर फसल कटाई प्रयोग के अनुसार दर्शाई गई। जिन किसानों का बीमा है। उन्हें यूनिवर्सल सैंपों जनरल इंश्योरेंस कंपनी मुआवजा देगी।
सबसे अधिक प्रभावित थे ये गांव
विशेष गिरदावरी के तहत जिला प्रशासन ने सबसे अधिक प्रभावित गांव कुकड़ावाली, खैरातीखेड़ा, मानावाली, पारता, पिरथला, ठरवा, ठरवी, सनियाना, हंसेवाला और बोस्ती गांव में अनुमानित गेहूं उत्पादन के क्लेम मांगे। वहां के किसानों के बीच में ही कृषि विभाग व बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों ने औसत आधार पर गेहूं उत्पादन निकलवाया तो पाया कि जिन किसानों ने प्रति हेक्टेयर अनुमानित 5282 किलो प्रति हेक्टेयर मांगा तो उसके खेत का औसत 4407 किलो प्रति हेक्टेयर निकला। इसी के आधार पर सर्वे रिपोर्ट तैयार की गई। जिन किसानों ने फसल का बीमा करवाया हुआ था, उनका कंपनी नार्म्स के अनुसार नुकसान नहीं बनता जबकि वास्तव में गेहूं में खराबा हुआ है। वजह थी कि कंपनी के नार्म्स का अलग होना। अब सरकार ने तय किया है कि बीमित व अबीमित दोनों किसानों को ही मुआवजा दिया जाए। प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 30 मई को ओलावृष्टि से हुए खराबे का मुआवजा 5 करोड़ 52 लाख 27 हजार 233 रुपये जिला राजस्व विभाग के खाते में ऑनलाइन डाल दिया है।
वर्जन
मुआवजा की राशि शुक्रवार से ही किसानों में खाते में डालनी आरंभ कर दी जाएगी। इसके लिए होमवर्क पूरा कर लिया है।
विजय मेहता, तहसीलदार, फतेहाबाद
किसानों के खाते में राशि डालने के लिए बैंकों में यूनिक कोड आड़े आ रहा था। इस दिशा में अब प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। एक दो दिन मुआवजा वितरण का कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

राजेश कुमार, जिला राजस्व अधिकारी, फतेहाबाद।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें