फतेहाबाद। जिस पंचायत के तहत हंस कॉलोनी आती है, वह पांच किलोमीटर दूर है, लेकिन फतेहाबाद शहर महज दस फीट की दूरी पर। इसके बावजूद 20 साल बीतने के बाद भी हंस कॉलोनी को शहरी सीमा में शामिल नहीं किया गया है। इसके चलते सीवरेज-पेयजल की समस्या बढ़ती जा रही है। कुछ समाधान करो मुख्यमंत्री जी। ये बातें मुख्यमंत्री मनोहर लाल को कही गई हैं लेकिन ट्विटर पर। शिकायत करने वाले हैं हंस कॉलोनी निवासी बल्लू यदुवंशी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इनकी शिकायत पर संज्ञान ले लिया है और पूरी कार्यवाही का भरोसा भी दिलाया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बल्लु यदुवंशी के ट्वीट के रिप्लाई में उनसे मामले की जानकारी लेने के लिए मोबाइल नंबर व अन्य डिटेल मांगी गई है। सीएम दफ्तर के संज्ञान में आने से अब स्वामी नगर, हंस कॉलोनी को फतेहाबाद शहर की सीमा में शामिल करने का मुद्दा एक बार फिर बाहर आ सकता है।
फिलहाल हंस कॉलोनी और स्वामी नगर दोनों इलाके ही मताना पंचायत के तहत आते हैं। हंस कॉलोनी की आबादी करीब साढ़े आठ सौ लोगों की है। पिछले दिनों नगर परिषद ने मताना, भोड़ियाखेड़ा और आजादनगर की पंचायत को शहरी सीमा में शामिल करने को लेकर प्रस्ताव मांगा था, लेकिन भोड़िया और मताना गांव की पंचायत ने शहर में शामिल होने से इनकार कर दिया था। इसके चलते शहरी सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में डालना पड़ गया था। लेकिन अब मताना में शामिल हंस कॉलोनी के निवासी ने खुद शहरी सीमा में शामिल करने की मांग की है और इस पर सीएम दफ्तर ने संज्ञान लिया है तो एक बार फिर से इस दिशा में अफसरी चहल-पहल शुरू हो सकती है। सूत्रों की मानें तो नगर परिषद प्रशासन ने अब पूरी मताना पंचायत की बजाए स्वामी नगर व हंस कॉलोनी एरिया को शहरी सीमा में शामिल करने की कवायद शुरू कर सकती है। ऐसा करने से शहरी सीमा भट्टू रोड पर थोड़ी आगे तक पहुंच जाएगी।
हंस कॉलोनी शहरी सीमा में आई तो ये होंगे फायदे
1. सीवरेज सिस्टम
2. पेयजल के रूप में नहरी पानी
3. प्लाटों-मकानों की कीमत में बढ़ोतरी
4. अगली बार यहां भी वार्ड चुनाव होगा
5. पक्की गलियां और अन्य सुविधाएं