फतेहाबाद। नगर निकाय की स्वामित्व योजना के तहत नगर परिषद कार्यालय के सामने बने कपड़ा बाजार के दुकानदारों को जल्द मालिकाना हक मिल सकता है। इसके लिए नगर परिषद के अधिकारियों ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नगर परिषद ने पहले किरायेदारों को योजना का लाभ देने का फैसला लिया है और इसके बाद आवंटियों के नाम दुकानों की रजिस्ट्री करवाई जाएगी। वहां अब मोबाइल फोन, किताब और ऑप्टिकल्स की दुकानें बनी हैं।
दुकानदार चार दिन पहले हाउस की बैठक में प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची और अधिकारियों से मिले थे। हालांकि अलॉटियों ने अगर बेसमेंट या फिर चौबारा बनाया है तो इस पर पैच फंस सकता है। इसके लिए नगर परिषद की भवन शाखा जांच करेगी।
शहर में नगर परिषद की करीब 720 दुकानें हैं। इनमें से कपड़ा बाजार और प्रताप मार्केट में नगर परिषद की करीब 153 दुकानें है। इसमें करीब 20 दुकानें नगर परिषद ने किराये पर दी हैं। स्वामित्व योजना को शुरू हुए करीब तीन साल हो चुके हैं लेकिन नगर परिषद के नाम मलकीयत न होने के कारण प्रक्रिया रूकी थी। जिला बोर्ड से अब नगर परिषद के नाम मलकीयत हुई है, ऐसे में किरायेदारों और दुकान आवंटियों के नाम रजिस्ट्री हो पाएगी।
- 41 दुकानदारों के नाम हो चुकी है रजिस्ट्री
नगर परिषद के पास स्वामित्व योजना के तहत 54 और आवेदन आए हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद नगर परिषद रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू करेगा। कलेक्टर रेट भरकर किरायेदार रजिस्ट्री करवा सकेंगे। पहले नगर परिषद 41 किरायेदारों के नाम रजिस्ट्री करवा चुका है।
- पुराने किरायेदारों को मिलेगी कलेक्टर रेट में ज्यादा छूट
नगर निकाय ने स्वामित्व योजना के तहत किरायेदारों को मालिकाना हक देने के लिए रजिस्ट्री के कलेक्टर रेट में छूट दी है। अगर कोई 20 साल पुराना किरायेदार है तो उसे 25 प्रतिशत कलेक्टर रेट में छूट दी गई है जबकि 50 साल पुराने किरायेदार को 50 फीसदी की छूट देय है।
- नगर परिषद की शहर में दुकानों की स्थिति
जगह दुकानें
ऑटो मार्केट 417
बीघड़ रोड 4
जीटी रोड चौबारे 16
साइकिल मार्केट 22
कपड़ा बाजार 153
देवी लाल मार्केट 17
जीटी रोड 21
हंस मार्केट 08
जवाहर चौक 03
मीट मार्केट 11
सब्जी मंडी 04
शाॅपिंग कांप्लेक्स 22
ठाकर बस्ती 01
थाना रोड 19
नलकूप के पास 03
36 साल पहले नगर परिषद ने खुली बोली पर बेची थीं दुकानें :
कपड़ा बाजार के दुकानदार सुरेंद्र कुमार, वीरेंद्र कुमार, केवल, हंसराज, देवीलाल का कहना है कि वर्ष 1988 में नगर परिषद कार्यालय के सामने दुकानें खुली बोली से बेची थी। दुकानदारों ने नियमानुसार राशि भी जमा करवा दी थी। नक्शे पास करवाकर दुकानें बनाई गई और प्रॉपर्टी आईडी भी बनाई गई लेकिन 36 साल बाद भी रजिस्ट्री नाम नहीं हुई है। इसके लिए कई बार अधिकारियों से भी मांग की गई है।
कपड़ा बाजार के दुकानदार पिछले दिनों मिले थे। उन्होंने रजिस्ट्री करवाने की मांग की थी। अधिकारियों को नियमानुसार प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही दुकानदारों को मालिकाना हक मिल जाएगा।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान नगर परिषद, फतेहाबाद।