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गंदगी पर भड़की मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी, दो दिन का दिया अल्टीमेटम दिया तो डोर-टू डोर टेंडर की ओर बढ़ा नप प्रशासन

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद। शहर में लगातार बढ़ती गंदगी को लेकर मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी प्रियंका कंडोला का गुस्सा सोमवार को नगर परिषद अधिकारियों व प्रधान पर फूटा। दरअसल स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों को लेकर दस दिन पहले हुई बैठक के बावजूद जमीनी स्तर पर सफाई को लेकर कोई सुधार ना दिखने से मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी प्रियंका कंडोला ने नगर परिषद कार्यालय में अधिकारियों व पार्षदों की बैठक बुलाई थी। लेकिन तय समय के एक घंटे तक प्रधान व पार्षद नहीं पहुंचे तो मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने सफाई निरीक्षक और अन्य कर्मचारियों की जमकर क्लास ली। इस बैठक के दौरान कई बार नगर परिषद ईओ जितेंद्र व मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी के बीच संसाधनों की कमी को लेकर बहस भी हुई।
इस बीच बैठक में नगर परिषद प्रधान दर्शन नागपाल एक घंटे की देरी से पहुंचे तो लघु सचिवालय में बैठक का हवाला देकर मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी वहां से निकल गई। जाते जाते उन्होंने नप प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम अवश्य दे दिया कि वो दो दिन में दोबारा चेकिंग करेंगी, अगर सफाई व्यवस्था में सुधार ना दिखा तो उन्होंने सारा मामला सीधा मुख्यमंत्री के सामने रखने की चेतावनी दे डाली। आखिर में बैठक में ये तय हुआ कि जल्द से जल्द डोर टू डोर कचरा उठान को लेकर टेंडर जारी किया जाएगा। इसके अलावा रेहड़ियों के लिए भी टेंडर लगाने की बात फाइनल की गई।
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शहर में दिखे गंदगी के ढेर तो ट्रैक्टर-ट्राली का टेंडर खत्म होने का मिला बहाना
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी प्रियंका कंडोला ने बताया कि वे आज शहर का निरीक्षण करके आई हैं। बस स्टैंड के बाहर, नेशनल हाईवे पर, भूना रोड, रतिया रोड पर एमएम कालेज के सामने गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। आखिर सफाई क्यों नहीं की जा रही। इस पर नप अधिकारियों ने उन्हें बताया कि जिस टै्रक्टर-ट्राली से गंदगी के ढेर उठाए जाते थे, उसका टेंडर खत्म हो गया है। इस बात पर प्रियंका कंडोला का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कहा कि इसके लिए पहले से कोई व्यवस्था क्यों नहीं की गई। उस पर उन्होंने ईओ जितेंद्र सिंह को कहा कि किराए पर ट्राली लेकर भी तो काम हो सकता था। इसके बाद नप ईओ जितेंद्र सिंह ने कर्मचारियेां को इस संदर्भ में डीसी को पत्र लिखकर अनुमति मांगने को कहा।
हरपथ पर आई शिकायतों का समाधान समय पर ना होने से हुई नाराज
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी प्रियंका कंडोला ने हरपथ मोबाइल एप पर आई शिकायतों के समय पर निपटान ना होने से भी नाराज दिखी। बैठक के दौरान अनुपस्थित रहे एमई पंकज ढांडा को उन्होंने बैठक के बीच से ही फोन किया और डांट लगाते हुए हरपथ एप पर आने वाली शिकायतों को तुरंत प्रभाव से निपटाने का आदेश दिया।
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वर्जन
नगर परिषद के अधिकारी व कर्मचारियों को सफाई पर ध्यान देने को कहा गया था, वो इसपर गंभीरता से काम नहीं कर रहे थे। इस लिए उनसे बैठक कर इस मुद्दे पर काम करने को कहा गया है। इससे अधिक कुछ नहीं कह सकती।’
प्रियंका कंडोला, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी, फतेहाबाद।
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