अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। लघु सचिवालय स्थित बैठक कक्ष में वीरवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत सेमिनार और माताओं के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त डॉ जेके आभीर ने की। उन्होंने कहा कि बेटियों को हर हालत में बचाना है तथा उन्हें पढ़ाना है। इसके अलावा बच्चों को बेहतर शिक्षा व अच्छे संस्कार देना भी महिलाओं के साथ-साथ हर नागरिक की जिम्मेवारी है। अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन करने से स्वच्छ समाज व राष्ट्र का भी नवनिर्माण होगा।
इस अवसर पर उपायुक्त ने 30 से भी अधिक ग्रामीण आंचल में बसने वाली महिलाएं, जिन माताओं ने एक बेटी या दो बेटी के जन्म के बाद अपनी स्वेच्छा से ऑपरेशन करवा लिया तथा परिवार में संतुलन बनाने व बेटी-बेटी में अंतर न समझकर सराहनीय कार्य किया, उन्हें प्रशंसा पत्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। उपायुक्त ने सीडीपीओ, सुपरवाइजर, आगंनबाडी वर्कर, हेल्पर को निर्देश देते हुए कहा कि महिलाओं से घनिष्ठ तालमेल बनाए, मधुर व्यवहार करे। महिलाएं अपनी अधिकारों व ताकत को पहचाने तथा लिंगानुपात में बढ़ोतरी हो इसके लिए ग्रामीणों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जिले में 70 के लगभग गांव व ढ़ाणियां है जहां पर बेटियों की संख्या बहुत कम है उन गांवों पर विशेष ध्यान दें और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के साथ-साथ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को और ज्यादा गति दें।
उपायुक्त ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से लिंगानुपात जिले का बहुत ही कम है जो हम सब के लिए चिंता का विषय है। पिछले दो महिनों से कुछ सुधार हो रहा है जो 890 के लगभग है। उन्होंने कहा कि इस आंकड़े को 950 से पार करने के लिए हमें अथक एवं लगातार प्रयास करना है। उन्होंने महिलाओं को मेहनती, सहनशील व समय का पाबंद बताया। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे सामाजिक बुराईयों को खत्म करने के लिए आगे आएं इसके लिए किसी भी प्रकार का प्रभाव अथवा दबाव सहन न करें। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ऊषा ग्रोवर, डिप्टी सीएमओ सुनीता सोखी, डिप्टी डीईओ धनपत सिंह, एलपीओ एडवोकेट बृजेश सवेदा सहित अन्य अधिकारियों व महिलाओं ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ व बच्चों तथा महिलाओं के स्वास्थय और उनकी सुरक्षा के बारे में विस्तार से जानकारी दी।