गोरखपुर के ग्रामीणों ने रोके परमाणु संयंत्र में जा रहे ट्रक
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गांव गोरखपुर में ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह गोरखपुर परमाणु संयंत्र में जा रहे ट्रकों को रोक लिया। ग्रामीणों का कहना था कि जिस मार्ग से यह ट्रक जा रहे हैं, वह रास्ता काफी संकरा है और इसके एक ओर लोगों के मकान तो दूसरी ओर ड्रेन है, जिससे बड़ा हादसा हो भी सकता है। बाद में सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण शर्मा व कृष्ण सिवाच के कहने पर ग्रामीणों ने ट्रकों को जाने दिया। इस दौरान करीब 3 घंटे तक ग्रामीणों ने ट्रकों को रोके रखा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव गोरखपुर में एनपीसीआईएल की ओर से परमाणु संयंत्र का निर्माण किया जा रहा है। साइट पर निर्माण कार्य चालू हैं और सड़कें बनाई जा रही हैं। सड़क निर्माण सामग्री के लिए प्रतिदिन कई ट्रक गांव गोरखपुर से होते हुए परमाणु संयंत्र स्थल तक पहुंचते हैं। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे ग्रामीणों ने इन ट्रकों को रास्ते में ही रोकना आरंभ कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने करीब 30-40 ट्रक रोक लिए। ग्रामीण गोरखा, कर्मा, अनिल सिवाच, जयबीर आदि ने बताया कि गांव गोरखपुर से परमाणु संयंत्र के गेट नंबर-2 में ट्रक जाते हैं। जिस रास्ते से गांव से होकर यह ट्रक जाते हैं, यह रास्ता काफी संकरा है। इसके एक ओर मकान बने हुए हैं तो दूसरी ओर पानी निकासी का ड्रेन है। यह रास्ता इतना संकरा है कि ट्रक के आने के बाद पूरा रास्ता ढक जाता है और हादसों का भय बना रहता है। जिससे यहां के लोग काफी भयभीत रहते हैं। इस दौरान ग्रामीणों ने करीब 3 घंटे तक ट्रकों को रोके रखा। मामले की सूचना पाते ही गांव के कृष्ण सिवाच मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि इस मामले में डीसी की एनपीसीआईएल के अधिकारियों के साथ मीटिंग होनी हैं। मीटिंग में जो निर्णय होगा, उसके बाद ही ग्रामीण आगे मीटिंग करेंगे। उनके कहने पर ग्रामीणों ने ट्रकों को वहां से जाने दिया।