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पहले हनीट्रैप कर महिला ने युवक से ऐंठे रुपये, पकड़ी गई तो महिला थाना पुलिस की हिरासत से हुई फरार

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेेहाबाद/रतिया।
रतिया में हनी ट्रैप के मामले में महिला थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार महिला सोमवार रात को पुलिस हिरासत से फरार हो गई। सुबह जब महिला थाना पुलिस कर्मचारियों को इसका पता लगा तो उनमें हड़कंप मच गया। इसके बाद पुलिस की दो टीमें गठित की गई, लेकिन शातिर महिला पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाई। वहीं इस मामले में लापरवाही बरतने के मामले में महिला थाना प्रभारी बिमला देवी की शिकायत पर आरोपी महिला व महिला थाने में तैनात महिला हेड कांस्टेबल, महिला एसपीओ व ईएचसी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। तीनों पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड भी कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को रतिया थाना में बलवान सिंह निवासी वार्ड नंबर-12, रतिया ने शिकायत देकर बताया कि वह अनाजमंडी की एक फर्म पर मुनीम का कार्य करता है। उसकी दुकान पर अक्सर पेस्टीसाइड का काम करने वाला रणजीत आता जाता रहता है और उनकी अच्छी पहचान है। अनाजमंडी की ही एक अन्य फर्म पर रतिया निवासी दीपक उर्फ दीपा भी मुनीम का काम करता है और वह अक्सर साथ रहते हैं। उसने बताया कि दीपा ने उनको बताया था कि वह रेखा निवासी डिग्गी ढाणी को जानता है। रेखा अब रतिया में ही एक मोहल्ले में रह रही है। बलवान ने अपनी शिकायत में बताया कि रेखा ने दीपा को फोन किया कि उसके बच्चे की तबीयत खराब है, इसलिए उसे रुपयों की सख्त जरूरत है। इस पर रणजीत व दीपा रेखा के घर चले गए। उसके घर जाते ही रेखा ने दीपा को कमरे से बाहर जाने को कहा। दीपा कमरे से बाहर गया तो रेखा ने रणजीत के कपड़े उतार दिए और मोबाइल से उसकी वीडियो बना ली।
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जब रणजीत ने कमरे से भागने का प्रयास किया तो रेखा ने उसका मोबाइल छीन लिया और अपने साथियों मंगा व बुटा निवासी रतिया को बुला लिया। उक्त लोगों ने रणजीत से मारपीट कर उसकी जेब में रखे 34 हजार रुपये निकाल लिए। इसके बाद दीपा व रणजीत वहां से आए और पुलिस को सूचित कर दिया। पुलिस शिकायत होने के बाद भी रेखा बार-बार रणजीत को फोन करके 50 हजार रुपये की डिमांड कर रही थी और ना देने की एवज में रणजीत का वीडियो वायरल करने की धमकी दे रही थी। रणजीत व दीपा ने इसकी जानकारी उनको दी। बलवान ने बताया कि उसने दोनों की बातें सुनने के बाद एक प्लान बनाया, जिसके तहत रेखा को फोन करके उसे रुपये देने की हामी भरी। उन्होंने रेखा को उसके घर पर जाकर 10 हजार रुपये दिए और इन नोटों का नंबर नोट कर लिया तथा 5 नोटों पर हरे पेन से लाइन लगाई है, ताकि निशानी हो जाए। अगर मौके पर छापा मारा जाए तो रेखा नोटों सहित काबू की जा सकती है।
रतिया पुलिस ने बलवान की शिकायत पर रेखा व उसके साथियों पर ब्लेकमेलिंग, स्नेचिंग का केस दर्ज कर लिया। इसके बाद महिला थाना प्रभारी फतेहाबाद बिमला देवी के नेतृत्व में गठित टीम ने रेखा के घर छापा मारकर उसे काबू कर लिया। रेखा को पुलिस गिरफ्तार करके महिला थाना में ले आई।
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बताया गया है कि हवालात में गर्मी अधिक होने के कारण उसे कमरे में सुला दिया गया था। महिला थाना प्रभारी ने कमरे में बंद रेखा की निगरानी रखने की हिदायत थाने में मौजूद कर्मचारियों को दी थी। रात को मौका देखकर रेखा कमरे से भाग निकली। पुलिस कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। सूचना पाकर थाना प्रभारी ने दो टीमें नियुक्त कर रेखा को गिरफ्तार करने के लिए भेजा, लेकिन वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ी। महिला थाना प्रभारी की शिकायत पर सिटी थाना में आरोपी महिला रेखा, महिला थाने में तैनात महिला सिपाही कविता, महिला एसपीओ मिशु व ईएचसी गुरलाल के खिलाफ धारा 223, 224, 34 के तहत केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। वहीं महिला थाना प्रभारी बिमला देवी ने बताया कि तीनों पुलिस कर्मचारियों को ड्यूटी में कोताही बरतने के लिए सस्पेंड कर दिया गया है।
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