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जिले के विकास को झटका, भूना-उकलाना फोरलेन के बाद अब रतिया-बुढ़लाढा फोरलेन भी गया ठंडे बस्ते में

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जिले के विकास को झटका, भूना-उकलाना फोरलेन के बाद अब रतिया-बुढ़लाढा फोरलेन भी गया ठंडे बस्ते में
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-नेशनल हाइवे अथारिटी से नहीं मिली प्रोजेक्ट को मंजूरी, डीआरओ ने की पुष्टि, फतेहाबाद से रतिया भी फोरलेन में लगेगा समय
सुरेंद्र असीजा
फतेहाबाद। फतेहाबाद के सर्वांगीण विकास को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे दावों को तगड़ा झटका लगा है। फतेहाबाद-उकलाना फोरलेन हाइवे प्रोजेक्ट को सरकार द्वारा रिजेक्ट करने के बाद अब भट्टू-रतिया-बुढलाढा फोरलेन हाइवे भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। नेशनल हाइवे अथारिटी द्वारा हाल ही में इस रूट पर एक विशेष सर्वे करवाया था लेकिन उस सर्वे रिपोर्ट में स्थितियां फोरलेन के पक्ष में नहीं आई जिसके बाद फिलहाल इस प्रोजेक्ट को होल्ड पर कर दिया गया है। जानकारों की मानें तो इस सर्वे रिपोर्ट के सही ना आने के चलते अब भट्टू-रतिया-बुढलाढा फोरलेन का प्रोजेक्ट करीब-करीब रद्द ही माना जा सकता है। जिला राजस्व अधिकारी विजेंद्र भारद्वाज ने भी कमोबेश कुछ ऐसे ही संकेत दिए हैं।
नेशनल हाइवे एवं लोक निर्माण विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रतिया चुंगी से लेकर बुढ़लाढ़ा सीमा पर गांव ब्रह्माणवाला तक बनने वाले इस नेशनल हाइवे के लिए रूट फतेहाबाद, अयालकी, अहरवां और रतिया बाईपास होकर गुजरने की संभावना बताई जा रही थी। लेकिन अब प्रोजेक्ट के ठंडे बस्ते में जाने से इन गांवों में भी विकास की उम्मीद मद्धम होती नजर आ रही है। सूत्रों की मानें तो शुरूआती चरण में इसके लिए 33 किलोमीटर लंबी सड़क का प्रपोजल रखा गया था लेकिन बाद में इसे बढ़ाने की उम्मीद थी।
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सर्वे कंपनी ने सड़कों, पुल, घग्गर नदी और सड़क किनारे सटे टयूबवेलों को भी शामिल किया सर्वे में नेशनल हाइवे अथारिटी से मिली जानकारी के अनुसार सर्वे कंपनी आर्केटेक्रो को भट्टू बुढलाढा हाइवे के लिए फतेहाबाद जिले के 33 किलोमीटर लंबे रूट के सर्वे का काम सौंपा गया था। इस सर्वे कंपनी ने लगभग छह माह पहले सर्वे शुरु किया। सूत्रों की मानें तो कंपनी ने छह माह लंबे सर्वे में नेशनल हाइवे के लिए सड़कें, पुल, घग्गर नदी पर पुल, व आसपास के मंदिरों, सड़क किनारे सटे ट्यूबवेल व अन्य संस्थानों का सर्वे किया है। इस सर्वे के लिए नेशनल हाइवे विभाग ने इसके लिए कंपनी को एक करोड़ 9 लाख रुपये का भुगतान भी किया है।
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रतिया-फतेहाबाद मार्ग के फोरलेन होने के प्रस्ताव पर लग सकता है ब्रेक
भट्टू-बुढ़लाढा फोरलेन के चलते पहले ये संभावना जताई जा रही थी कि इसके साथ ही फतेहाबाद से रतिया तक का 26 किलोमीटर का रास्ता भी फोरलेन कर दिया जाएगा। लेकिन इस मुख्य हाइवे के ही ठंडे बस्ते में चले जाने के बाद अब रतिया-फतेहाबाद मार्ग के भी फोरलेन होने पर ब्रेक लग सकती है। फतेहाबाद जिले का ये फिलहाल सबसे व्यस्त रोड माना जाता है। फिलहाल ये मार्ग डबल लेन ही है लेकिन पिछले कुछ सालों में इस रूट पर वाहनों का आवागमन बहुत तेजी से बढ़ा है। पंजाब बार्डर एरिया होने के कारण पंजाब के वाहनों का भी इस रूट पर आना जाना लगा हुआ है और पिछले कुछ सालों में इस रोड पर कई मैरिज पैलेस बनने के कारण भी यहां पर यातायात काफी बढ़ा है।
बन जाता फोरलेन तो फतेहाबाद को ये होते फायदे
1. रतिया-फतेहाबाद वर्तमान मार्ग पर ट्रैफिक काफी कम होता।
2. फतेहाबाद से पंजाब जाने के लिए व्यापारियों को रतिया शहर से होकर निकलने की जरूरत ना रहती।
3. नेशनल हाइवे बनने से आसपास के इलाकों में विकास की संभावनाएं काफी बढ़ जातीं।
4. नेशनल हाइवे बनने से रतिया-फतेहाबाद सड़क फोरलेन होने की संभावना थी।
भट्टू-बुढलाढा फोरलेन व हाइवे का प्रोजेक्ट लगभग स्थगित ही माना जा रहा है। हालांकि इस संदर्भ में अभी औपचारिक सूचना आनी बाकी है।
विजेंद्र भारद्वाज, जिला राजस्व अधिकारी, फतेहाबाद।
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