अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
प्रदेश में भाजपा सरकार को बने तीन साल पूरे हो चुके हैं लेकिन इस दौरान मौजूदा सीएम मनोहर लाल द्वारा फतेहाबाद के विकास के लिए की गई घोषणाओं में से दो बड़ी घोषणाओं के अधर में लटकने की आशंका बनती दिख रही है। भूना में साढ़े 8 एकड़ में बनने वाले कचरा प्रबंधन प्लांट के लिए किसी फर्म ने टेंडर नहीं दिया है तो फतेहाबाद शहर में प्रस्तावित बैंक स्क्वायर के लिए नगर परिषद अभी तक सलाहकार फर्म ही फाइनल नहीं कर सकी है। सलाहकार फर्म के लिए जारी किए टेंडर में किसी भी फर्म ने दिलचस्पी नहीं दिखाते हुए आवेदन ही नहीं किया है। इसके चलते नगर परिषद के अधिकारी अब सरकारी ड्राइंग को फाइनल करने का प्रयास करने की बात कह रहे हैं।
48 करोड़ लागत आनी है भूना के कचरा प्रबंधन प्लांट पर, ढाई साल में नहीं चले ढाई कोस
भूना में प्रस्तावित कचरा प्रबंधन प्लांट का ऐलान लगभग ढाई वर्ष पूर्व सीएम मनोहर लाल ने किया था। इस प्लांट में फतेहाबाद, रतिया, टोहाना, जाखल, भट्टू और उकलाना सहित 6 शहरों से इकट्ठा होने वाले कचरे का प्रबंधन किया जाना था। जिला प्रशासन के अनुसार इस कचरा प्रबंधन प्लांट में रोजाना डेढ़ सौ टन कचरे का निष्पादन होना प्रस्तावित है। अब जाकर तो नगर परिषद ने ये डिसाइड किया है कि इस प्लांट में जैविक खाद बनाई जाएगी जो किसानों को बेची जाएगी। इसके लिए कचरा प्रबंधन प्लांट का ठेका लेने वाली फर्म के ही कर्मचारी शहर में डोर टू डोर कचरा उठाएंगे। इस कचरा प्रबंधन प्लांट पर 48 करोड़ की लागत आनी है। कुछ दिन पहले ही नगर परिषद ने टेंडर अपलोड किया था जिसके बाद मुम्बई की एक फर्म के प्रतिनिधियों ने यहां का निरीक्षण किया था लेकिन अभी तक दोबारा इस संदर्भ में कोई बातचीत नहीं होने से इस कचरा प्रबंधन प्लांट पर ही संकट के बादल मंडराते दिख रहे हैं।
सलाहकार फर्म ने तय करना था बैंक स्कवायर का डिजाइन और संभावित लागत
नेशनल हाइवे पर बनने वाले बैंक स्क्वायर के लिए डिजाइन से लेकर संभावित लागत तक तय करने का काम सलाहकार फर्म के जिम्मे ही डाला जाना है। सलाहकार फर्म ही बैंक स्कवायर के डिजाइन, इसकी अनुमानित लागत की डिटेल, इसमें मिलने वाली सुविधाएं तय करेगी और बकायदा एक पावर प्वाइंट प्रेजेटेंशन के माध्यम से अपनी रिपोर्ट नगर परिषद प्रशासन को सौंपेंगी। इससे पहले सलाहकार फर्म बड़े शहरों में कॉपरेट स्टाइल बिल्डिंग्स का मुआयना करके वहां की सुविधाओं को भी इस प्रस्तावित बैंक स्कवायर में दिए जाने की प्लानिंग करेगी। सलाहकार फर्म द्वारा सौंपी जाने वाली रिपोर्ट के बाद ही स्थानीय निकाय विभाग इसके निर्माण के लिए औपचारिक टेंडर प्रक्रिया शुरु करेगा। लेकिन अभी तक सलाहकार फर्म ही सामने ना आने से नगर परिषद प्रशासन की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं।
अब चीफ आर्किटेक्ट से ली जाएगी सलाह, एनआईटी से बनेगी ड्राइंग
बैंक स्क्वायर के लिए किसी सलाहकार फर्म द्वारा आगे ना आने से नगर परिषद प्रशासन विभाग के अंदर ही संभावनाएं तलाशने में जुटेगा। नप सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नगर परिषद के अधिकारी अब बैंक स्क्वायर के डिजाइन संबंधी सलाह के लिए पंचकूला स्थित चीफ आर्किटेक्ट की मदद लेगी। इसके अलावा कुरुक्षेत्र स्थित एनआईटी से बैंक स्कवायर की ड्राइंग बनवाई जाएगी। ऐसा होने पर स्थानीय निकाय विभाग से प्रोजेक्ट की तकनीकी मंजूरी लेने में आसानी रहेगी।
'बैंक स्क्वायर के लिए सलाहकार फर्म व कचरा प्रबंधन प्लांट के लिए टेंडर जारी किए गए थे लेकिन कोई आवेदन नहीं आया है। जिसके चलते अब पंचकूला स्थित चीफ आर्किटेक्ट की सहायता ली जाएगी बैंक स्क्वायर के लिए और कुरुक्षेत्र की एनआईटी से इसकी ड्राइंग बनवाने का प्रयास करेंगे। ’
सुरेश कुमार, एमई, नगर परिषद, फतेहाबाद।