फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चिकन के पैसे न देने के कारण किया गया था साढे चार साल के मासूम बच्चे का अपहरण

विज्ञापन
विज्ञापन
चिकन के पैसे न देने पर किया था सागर का अपहरण
विज्ञापन

अपहरण कर्ता ने पुलिस को बताया, बच्चे को था बुखार, हिसार के एक अस्पताल में इलाज करवाया

अमर उजाला ब्यूरो
भूना।
साढे़ चार साल के मासूम बच्चे का अपहरण उसके पिता द्वारा चिकन के पैसे न देने पर किया था। यह बात अपहरण कर्ता मदनलाल ने कबूल की है।
उसने बताया कि वह बच्चे को अपनी स्कूटी पर बैठाकर भूथनकलां गांव ले गया था। उसके बाद फतेहाबाद तथा आदमपुर ले गया। बच्चे को बुखार हो गया जिसके बाद उसे आरोपी हिसार के एक अस्पताल में इलाज के लिए लेकर गया। इसकी भनक भूना पुलिस को लगी और उसने हिसार पुलिस की मदद से अपहरण कर्ता को दबोच लिया। बच्चा भी वहां पर सुरक्षित मिला। पुलिस ने देर रात को साढे़ चार साल के मासूम सागर को उसके पिता पोमी व मां गोरा को सौंप दिया। बच्चे का मेडिकल इत्यादि भी करवाया गया। पुलिस ने आरोपी गांव असरावा निवासी मदन लाल पुत्र हंस राज को गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया। जहां उसे जेल भेज दिया है।

बच्चे को पाकर खुशी से रो पड़ी मां
साढे़ चार साल के सागर जैसे ही भूना में नेहरू पार्क के पास बस्ती में अपने घर पहुंचा तो उसे देखकर खुशी के मारे उसकी मां गोरा आंसू टपकाने लग गई। बेटे को पाकर वह बेहद खुश हुई और उसे अपनी छाती से चिपका लिया। एसएचओ राजेश कुमार कमांडो ने रात को ही बच्चे का मेडिकल करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया था, ताकि चिंता व मानसिक रूप से परिजनों को राहत मिल सके।
विज्ञापन


शराब ने बिगाड़ा खेल
वार्ड नंबर 7 निवासी पोमी वर्मा को शराब का आदि है। 30 जून को पोमी का साला हसंगा निवासी सुभाष अपने साथ असरावा निवासी मदन लाल पुत्र हंसराज को पोमी के घर भूना में लेकर आया था। सुभाष का यह दोस्त है। सुभाष अपने घर वापस हसंगा चला गया, मगर मदन लाल पोमी के पास ही भूना रुक गया। मदन लाल ने एक बोतल शराब की मंगाई और दोनों चिकन खाने के लिए आशियाना होटल फतेहाबाद रोड पर चले गए। जिनके साथ बच्चा सागर भी था। आशियाना होटल पर चिकन खाने के बाद दोनों के बीच पैसे देने को लेकर विवाद हो गया। इसलिए पैसे लाने के बहाने गुस्से में मदन लाल पोमी के बेटे सागर को अपनी स्कूटी पर बैठाकर ले गया। एक घंटे तक भी वह होटल वापस नहीं पहुंचा तो पोमी शराब के नशे में ही घर आ गया। जहां बच्चे को लेकर बातचीत हुई तो पोमी ने पूरी घटना पत्नी को बता दी। परिजनों ने तुरंत पुलिस स्टेशन में सागर के अपहरण की शिकायत दर्ज करवाई। जिसके बाद पुलिस ने मदन लाल पुत्र हंसराज गांव असरावा पर मुकदमा दर्ज कर लिया था और तलाश शुरू कर दी थी।
विज्ञापन



सागर के मिलने से पुलिस ने राहत की सांस ली
सागर के दो जुलाई को देर शाम को हिसार के निजी अस्पताल में अपहरण कर्ता सहित पुलिस को मिल जाने के बाद राहत की सांस ली है। पुलिस की कई टीमें पिछले दो दिनों से सागर की तलाश के लिए भाग दौड़ में लगी हुई थी। एसएचओ राजेश कमांडो ने बताया कि बीट इंचार्ज एएसआई भूप सिंह के नेतृत्व की टीम ने अपहरण हुए बच्चे को खोजने में बड़ी सफलता प्राप्त की है। बच्चा बिल्कुल स्वस्थ एवं सुरक्षित है।


09 अपहरण कर्ता मदन लाल के साथ एसएचओ व बीट इंचार्ज।
10 मासूम बच्चा सागर को अपनी गोद में लेकर खड़ी उसकी मां।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें