फतेहाबाद। जिला मुख्यालय व उपमंडल स्तर के न्यायिक परिसरों में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया। जिला मुख्यालय पर आयोजित लोक अदालत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक अग्रवाल ने निरीक्षण कर मामलों के निपटान के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक अग्रवाल ने कहा कि हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण की ओर से समाज के जरूरतमंद व्यक्तियों एवं आर्थिक रूप से पिछले वर्गों के सदस्यों के लिए मुफ्त सेवा कानून का प्रावधान किया गया है। सीजेएम एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव सुयशा जावा ने बताया कि शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 20160 मामलों की सुनवाई की गई।
इनमें से 12535 का निपटारा किया गया और एक करोड़ 15 लाख 74 हजार 82 रुपये की राशि जुर्माना व अवॉर्ड के रूप में पास की गई। उन्होंने बताया कि इन मामलों में प्री-लिटिगेशन के 15,838 मामलों में से 11,494 मामलों का निपटारा किया गया और 45 लाख 65 हजार 90 रुपये की राशि जुर्माना व अवार्ड के रूप में पास की गई।
इसी प्रकार से कोर्ट में लंबित मामलों के कुल 4322 मामलों में से 1041 मामलों का निपटारा किया गया और 70 लाख 8 हजार 992 रुपये की राशि जुर्माना व अवार्ड के रूप में पास की गई। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर एडीजे अमित गर्ग, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय शिखा, एसीजे कम सीजेएम डॉ. मधुर बजाज, सिविल जज कम न्यायिक दंडाधिकारी जोगेंद्र जांगड़ा, उपमंडल रतिया पर सिविल जज कम न्यायिक दंडाधिकारी कुमारी ज्योति तथा टोहाना उपमंडल में सिविल जज कम न्यायिक दंडाधिकारी तनवी गर्ग की कोर्ट में लोक अदालत लगाई गई।
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चार साल की दूरियां खत्म, एक हुए दो परिवार
राष्ट्रीय लोक अदालत में एक परिवार टूटने से बच गया। वर्ष 2021 से अलग रह रहे काफी और संदीप ने परिवार न्यायालय प्रधान न्यायाधीश शिखा व सीजेएम सुयशा जावा के समक्ष आपसी सुलह कर ली। साल 2022 से चल रही मुकदमेबाजी को खत्म करते हुए दोनों पक्षों ने गिले-शिकवे भुलाकर फिर साथ रहने का फैसला किया। प्रार्थिका की बहन रचना की शादी भी संदीप के सगे भाई करण से हुई थी। विवाद के कारण दोनों ही परिवारों में तनाव चल रहा था। लोक अदालत की काउंसिलिंग के बाद अब दोनों पक्ष आपसी सुलह के साथ अपना घर बसाएंगे।