लापरवाही : सीवर डालने से पहले हो रहा गलियों और सड़कों का निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
जाखल। जाखल मंडी में एक ओर जहां नई सीवरेज प्रणाली प्रस्तावित हैं वहीं दूसरी ओर कई वार्डों में गलियों और सड़कों का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। इस निर्माण कार्य को लेकर लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि जब कुछ समय बाद सीवरेज प्रणाली डाली जानी है तो उससे पहले सड़कों और गलियों को बनाना कितना उचित है। जबकि दूसरी ओर नगरपालिका के अधिकारियों का कहना है कि जब सीवरेज प्रणाली डाली जाएगी तो उस समय गलियों और सड़कों का जो भी नुकसान होगा वह जन स्वास्थ्य विभाग से वसूला जाएगा। जाखल मंडी के कई वार्डों में नगरपालिका की ओर से गलियों और सड़कों का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। जबकि दूसरी ओर मंडी में सीवरेज प्रणाली को दुरुस्त करने और नए सीवरेज को डालने के लिए जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से करीब पौने 9 करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया है। ऐसे में लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि अगर कुछ समय के बाद सीवरेज डाला जाता है तो क्या इन गलियों, सड़कों को पुन: से उखाड़ जाएगा। जिस पर वह इसे लाखों रुपये की बर्बादी साबित होना मान रहे हैं। जाखल मंडी के आरटीआई एक्टिविस्ट लखबीर सिंह ने कहा कि कई इलाकों में वार्डों के अंदर गलियों और सड़कों का निर्माण कार्य शुरू किया गया है जबकि दूसरी ओर सरकार द्वारा सीवरेज प्रणाली को डाले जाने के लिए लगभग पौने नौ करोड़ रुपये का बजट भेजा गया है ऐसे में बनाई जा रही गलियों में सड़कों को सीवरेज डालते समय पुन: उखाड़ना पड़ेगा। सही मायनों में देखा जाए तो पहले मंडी के अंदर सीवरेज प्रणाली डाली जानी चाहिए। उसके बाद ही गलियों और सड़कों का निर्माण कार्य होना चाहिए।
सीवरेज प्रणाली को डालने में समय लग सकता है। अगर कल को सीवरेज प्रणाली पब्लिक हेल्थ विभाग डालती है और इसके कारण गलियों और सड़कों को नुकसान पहुंचता है तो इसके लिए जन स्वास्थ्य विभाग से अपने नुकसान की भरपाई करके इन गलियों को दुरुस्त करवाया जाएगा।
-जयबीर डूडी, एमई, नगरपालिका।