अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। दिवाली का पर्व जिले भर में वीरवार रात को धूमधाम से मनाया गया लेकिन साथ ही सुप्रीम कोर्ट आदेशों की भी जमकर धज्जियां उड़ी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटाखे जलाने की तय समय सीमा का भी रातभर जमकर उल्लंघन हुआ। इससे पूर्व शहरवासियों ने बाजारों में जमकर खरीदारी की, सजे-धजे बाजार का नजारा लिया, रात को महालक्ष्मी का पूजन किया गया व इसके बाद जमकर पटाखे बजाए व आतिशबाजियां छोड़ी। हिसार स्थित प्रदूषण विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ये आशंका जताई गई है कि दिवाली के अगले ही दिन यानि वीरवार को फतेहाबाद शहर का प्रदूषण स्तर खतरनाक से भी खराब है और आमतौर पर ऐसी हवा के साथ के साथ बाहर घूमने को लेकर रोक की आशंका जारी की जाती है।
वैसे पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बावजूद दीपोत्सव को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखा गया। दीपावली की सुबह से ही बाजारों में भारी रौनक छाई हुई थी। लोगों ने खरीदारी में कोई कमी नहीं रख छोड़ी। बाजार में जमकर मिठाईयों, फूलों, गुलदस्तों, बर्तनों, गारमैंटस व अन्य सामानों की खरीदारी की गई। पूरे उत्साह के साथ लोग खरीदारी में जुटे रहे। मुख्य बाजार की छटा रात को देखने लायक थी। लोगों के मोबाइलों के इनबॉक्स और सोशल मीडिया अकाऊंट्स पर रात से ही दीपावली की बधाइयों से भरने शुरू हो गए। अनेक लोगों ने फेसबुक और व्हाट्अप के अलावा अपने दोस्तों को ई-मेल पर दीपावाली की बधाईयां भी गई। रात को लोगों ने घरों में दीपक जलाए। दीपों व रंगीन बल्बों की लड़ियों से पूरा शहर जगमग दिखाई दे रहा था। महालक्ष्मी पूजन किया व सुख शांति की कामना की। मां लक्ष्मी को फल-फूल चढ़ाए गए व मिठाइयों का भोग लगाया गया। देर रात तक लोगों आतिशबाजी का आनंद उठाया। लोगों ने जमकर पटाखे फोड़े व आतिशबाजियां जलाई। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस बार सख्त शब्दों में निर्देश दिए थे कि रात आठ से दस बजे तक पटाखे जलाए जाएं। इसके लिए सभी प्रदेश सरकारों को भी एडवाइजरी जारी की गई थी, लेकिन इसके बावजूद जिला एवं उपमंडल स्तर पर अधिकारियों ने इस ओर से मुंह फेरे रखा। इस बारे में उपायुक्त जेके आभीर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि वो पटाखों और पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखें। इस बार जिला प्रशासन की ओर से पटाखों के लाइसेंस ही बहुत कम दिए गए हैं ताकि पटाखे कम जलें।