अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। जिला परिषद चेयरमैन गीता नांगली अब अपनी मर्जी से कहीं भी और किसी को भी ग्रांट नहीं दे सकेंगी। इसके लिए पहले जिला परिषद से अनुमति लेनी होगी। जिला परिषद हाउस ने जिप चेयरमैन गीता नांगली की ग्रांट वितरित करने की शक्तियां छीन ली हैं। इसका फैसला बुधवार को जिला परिषद की विशेष बैठक में लिया गया। जिप चेयरमैन की ग्रांट की शक्तियां छीनने के प्रस्ताव का कुल 18 में से 16 जिला परिषद पार्षदों ने समर्थन किया। हालांकि इस प्रस्ताव को लागू 23 अगस्त की बैठक के बाद ही किया जा सकेगा। नए जिला परिषद सीईओ राहुल मित्तल पहली बार जिला परिषद की बैठक का हिस्सा बने।
9 अप्रैल को ही सौंपी गई थी शक्तियां, चार माह में पार्षदों का मोहभंग
जिला परिषद चेयरमैन गीता नांगली को लगभग चार माह पहले 9 अप्रैल को पार्षदों ने हाउस की बैठक में ही प्रस्ताव पारित कर ग्रांट अपनी मर्जी से वितरित करने का अधिकार प्रदान किया था। लेकिन चार माह बीतते-बीतते जिप पार्षदों का प्रधान नांगली की इस शक्ति से मोह भंग हो गया और बुधवार को विशेष बैठक बुलाकर 18 में से 16 पार्षदों ने इस प्रस्ताव के समर्थन में अपना वोट दिया। पार्षदों में से चेयरमैन गीता नांगली के अलावा महज युक्ति गोदारा ने इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया। पार्षदों का आरोप है कि उन्हें अपने-अपने हलकों में विकास कार्य करवाने के लिए उचित ग्रांट नहीं मिल रही जिसके चलते उनके लिए ग्रामीणों को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। अब पार्षदों ने प्रधान की बजाए सभी को बराबर-बराबर ग्रांट की डिमांड की है।
प्रधान से शक्ति छीनते ही पार्षदों ने सात-सात लाख की ग्रांट का प्रस्ताव भी किया पास
बैठक में जिप चेयरमैन गीता नांगली से ग्रांट वितरित करने की शक्ति वापस लेते ही पार्षदों ने साथ ही एक और प्रस्ताव भी पास कर दिया। इस प्रस्ताव के तहत जिला परिषद के सभी पार्षद अपने-अपने वार्ड के लिए सात लाख की ग्रांट खुद को दे सकेंगे। हालांकि इसके लिए भी पार्षदों को 23 अगस्त की जिला परिषद की सामान्य बैठक का इंतजार करना होगा। सामान्य बैठक में इस प्रस्ताव के पास होने के बाद ही पार्षदों को ये सात-सात लाख की ग्रांट मिल पाएगी।
जिप डिप्टी सीईओ पर फिर भड़के पार्षद, लगाए हाउस को गुमराह करने के आरोप
जिला परिषद की विशेष बैठक के दौरान भी अधिकतर पार्षद डिप्टी सीईओ संजीव गोयल पर भड़कते हुए नजर आए। पार्षदों का आरोप था कि डिप्टी सीईओ बार-बार गोल-गोल बातें कर हाउस को गुमराह करते आए हैं और इन्हीं के कारण जिप पार्षदों को ग्रांट के नाम पर कुछ नहीं मिल पाता और ग्रांट लैप्स होने की नौबत आ जाती है। इस मुद्दे पर डिप्टी सीईओ गोयल व जिप पार्षद रामदास व विजेंद्र सिवाच के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई।
ये पार्षद रहे जिप चेयरमैन की ग्रांट की शक्ति छीनने वालों में शामिल
जिला परिषद चेयरमैन से ग्रांट वितरित करने व घोषणा करने की शक्तियां वापिस लेने का प्रस्ताव देने वाले जिप पार्षदों में रामदास, विजेन्द्र सिवाच, राजेश कसवां, सुनीता कसवां, कमला, बीबो रानी, रामचंद्र, सतपाल शर्मा, सुरजीत सिंह, अजय कुमार, जगदीश चंद्र, बलजीत कौर, सुशीला देवी, अवतार सिंह, मंदीप कौर, अनिल कुमार शामिल थे। हमेशा प्रधान गीता नांगली के साथ खड़ी नजर आई डिप्टी चेयरमैन कमला भुक्कर भी इस बार गीता नांगली के विरोधी गुट में नजर आई। खुद गीता नांगली के अलावा पार्षद युक्ति गोदारा ने इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया।
बराला के आशीर्वाद से बनी थी जिप चेयरमैन
साल 2016 जनवरी में जिला परिषद चुनावों के बाद टोहाना निवासी गीता नांगली पहले जिला परिषद पार्षद का चुनाव जीती थी और इसके बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के आशीर्वाद के चलते जिला परिषद चेयरमैन का पद हासिल कर लिया था। लेकिन लगभग एक साल बाद ही बराला से मनमुटाव होने के बाद गीता नांगली व उनके पति कृष्ण नांगली ने बीजेपी से इस्तीफा देकर इनेलो ज्वाइन कर ली। इसके बाद से बीजेपी उन्हें जिप चेयरमैन के पद से हटाने का प्रयास कर रही है, लेकिन पार्षदों की व्यक्तिगत सहमति होने के चलते अभी तक गीता नांगली ही जिप चेयरमैन के पद पर काबिज चली आ रही है।
वर्जन
जिप पार्षदों से कोई नाराजगी नहीं है। चार माह पहले उन्होंने ही ये शक्ति दी थी, मैंने फिर भी सबको साथ लेकर चलने का प्रयास करते हुए सबको बराबर ग्रांट की बात कही थी, लेकिन अब पार्षदों ने विशेष बैठक बुलाकर ये शक्ति वापस ले ली है तो भी सभी पार्षदों को साथ लेकर चलेंगे और समान रूप से विकास करवाया जाएगा।
- गीता नांगली, जिला परिषद चेयरमैन फतेहाबाद।