अमर उजाला ब्यूरो
रतिया।
रतिया शहर से सट कर गुजरने वाली घग्गर नदी में गंदा व दूषित पानी की समस्या के समाधान के लिए शुक्रवार को मोहल्लावासियों ने जेल भरो आंदोलन चलाया और प्रशासन के समक्ष गिरफ्तारियां दी। इस दौरान 66 लोगों ने गिरफ्तारियां दी, जिनमें 14 महिलाएं भी शामिल हैं। इससे पूर्व शहरवासियों ने घग्गर नदी के पूल पर धरना दिया और प्रशासन व सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन भी किया।
शहीद भगत सिंह नौजवान सभा, किसान सभा, किसान संघर्ष समिति, देहाती मजदूर सभा के सदस्यों ने भी जेल भरो आंदोलन को समर्थन दिया। आंदोलन को देखते हुए पुलिस फोर्स की भी व्यवस्था की गई थी और महिलाओं की संख्या अधिक होने के कारण महिला पुलिस फोर्स को भी तैनात किया गया। थानाध्यक्ष यादविंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस फोर्स ने घग्गर नदी पर पहुंचकर आंदोलन करने वालों को शांति भंग करने की आशंका के चलते पाबंद किया और उन्हें बसों में भरकर कम्यूनिटी सेंटर में ले गए। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार सुरेंद्र कुमार के समक्ष पेश किया। जहां पर गिरफ्तार किए गए लोगों को जमानत पर रिहा किया गया।
उनका कहना है कि रतिया शहर तथा क्षेत्र के कई गांवों से गुजरने वाली घग्गर नदी से पिछले काफी सालों से पंजाब तथा हिमाचल के फैक्टरी संचालकों द्वारा दूषित व विषैला पानी छोड़ा जा रहा है। जिसके चलते रतिया शहर में घग्गर के साथ लगते मोहल्ले में पूरा वातावरण बदबूमय बना रहता है तथा लोगों का जीना भी मुहाल हुआ पड़ा है। इस दूषित पानी के कारण कई बीमारियां फैल रही हैं तथा इसके चलते कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। धरना प्रदर्शन को शहीद भगत सिंह नौजवान सभा के राज्य अध्यक्ष मनदीप सिंह नथवान, किसान सभा के प्रधान गुरबचन सिंह, सचिव मलकीत सिंह, देहाती मजदूर सभा के तेजिन्द्र थिन्द, निर्भय सिंह, बलविंद्र सिंह, सूरज सिंह, बलविंद्र सिंह, विक्की कुमार, सुखदीप सिंह, जसप्रीत सिंह, राणा सिंह तथा अन्य शहरवासी भी समर्थन देने पहुंचे और पुलिस प्रशासन के समक्ष गिरफ्तार करने का आह्वान किया। जिस पर थानाध्यक्ष यादविंद्र सिंह ने शांति भग होने की आशंका के चले उन्हें घग्गर नदी से गिरफ्तार करके उन्हें सामुदायिक केंद्र में ले जाया गया और नायब तहसीलदार के सामने पेश किया। जहां पर उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।