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हैडिंग... आज सुबह नौ बजे से शुरु होगा विसर्जन का शुभ मुहुर्त, बप्पा को विसर्जन से पहले तीन बार लगवाएं डुबकी

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फतेहाबाद । गणपति महोत्सव के सबसे लंबे समय विराजमान रहने वाले गणपति बप्पा अपने भक्तों से मंगलवार को विदा ले लेंगे। बप्पा के विसर्जन के लिए मंगलवार दिन-रात कुल चार शुभ मुहुर्त रहेंगे जो सुबह साढ़े 9 बजे से लेकर अलग-अलग चरणों में देर रात 11 बजे तक रहेंगे। इसके लिए शहर भर के गणेश पंडालों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। हालांकि प्रशासन द्वारा लगाई गई धारा 144 एवं अन्य सुरक्षा प्रबंधों के मद्देनजर इस बार गणेश पंडाल विसर्जन से पहले भव्य ताम-झाम के साथ शोभायात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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विसर्जन से पहले तीन बार डुबकी लगवाएं बप्पा को, सारे दिन में चार मुहूर्त
पंडित राजेश शर्मा के अनुसार गणपति जी को विसर्जित करने से पहले जलाशय में ले जाकर तीन बार गणपति बप्पा को पानी में डुबकी लगवाई जाए और इसके बाद हलके हाथों से प्रतिमा को इस प्रकार पानी में विसर्जित करना है कि वो खंडित ना हो और पानी के बहाव के साथ आगे बह जाए। इसके अलावा मंगलवार को गणपति विसर्जन के चार मुहूर्त आएंगे। इन मुहूर्त के दौरान गणेश विसर्जन करने से पूजा का पूरा लाभ मिलता है और ऐसा करना शास्त्र के अनुसार भी शुभ माना जाता है।
सुरक्षा इंतजामों के चलते गणपति विसर्जन सादे ढंग से करने को मजबूर श्रद्धालु
इस बार डेरा विवाद के चलते फतेहाबाद क्षेत्र काफी संवेदनशील माना गया था। इसके चलते डेरा विवाद निपटने के बावजूद भी जिला प्रशासन की ओर से एक सप्ताह तक अतिरिक्त समय के लिए धारा 144 एवं अन्य सभी सुरक्षा इंतजामों को आगे बढ़ा दिया है। इसमें सभी 18 ड्यूटी मजिस्ट्रेटों को भी एक सप्ताह के लिए अपनी ड्यूटी रहने के लिए कहा गया था। प्रशासन द्वारा बढ़ाई गई डेडलाइन 7 सितंबर को जाकर पूरी होगी। लेकिन इस बीच गणपति विसर्जन के लिए 5 सितंबर की तारीख आ गई। श्रद्धालुओं के कहने के बावजूद प्रशासन सुरक्षा इंतजामों को लेकर किसी प्रकार की ढील बरतने के मूड में नहीं है। इसलिए श्रद्धालुओं को सादे समारोह के साथ ही गणपति जी का विसर्जन करने के लिए कहा गया है।
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इस प्रकार होंगे भगवान गणपति जी के विसर्जन के मुहुर्त
1. सुबह 9:35 से लेकर दोपहर 2: 11
2. दोपहर 3: 44 से सांय 5: 17
3. रात 8:17 से रात 9:44
4. रात 11: 11 बजे
इस प्रकार करें गणपति जी का विसर्जन
मंगलवार को गणपति जी का विसर्जन करने से पहले उनकी आरती करें। इसके बाद उन्हें तिलक करते हुए मोदक, फल-फूल आदि अर्पित करें। पूजा में रखे गए सुपारी, दीपक, धूप, चावल आदि को एक लाल कपड़े में बांध कर रख लें। इसके बाद भगवान गणेश की मूर्ति गणपति बप्पा के जयकारों के साथ उठाएं और विसर्जित के स्थान पर एक बार फिर भगवान गणपति जी की पूजा की जानी चाहिए। इसके बाद भगवान गणेश को अगले बरस जल्द आने की कामना करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक चलते पानी में विसर्जित कर दें।
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04एफटीबीपी14 : श्रीश्याम मंदिर के मुख्य पुजारी प. राजेश शर्मा
04एफटीबीपी15 : फतेहाबाद के मनकामेश्वर मंदिर में स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमा ।
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