भड़के वार्डवासियों ने नायब तहसीलदार को दफ्तर में किया बंद, प्रदर्शन
रतिया।
नगर पालिका अधिकारियों द्वारा विकास के मामले में वार्ड 15 के साथ भेदभाव किए जाने के आरोपों के साथ वार्ड के सैकड़ों निवासियों ने बुधवार को नपा कार्यालय के गेट पर धरना देकर जोरदार नारेबाजी की और उन्हें समझाने आए तहसीलदार और अन्य कर्मचारियों को गुस्साए लोगों ने नपा कार्यालय के अंदर ही बंद कर दिया। बाद में लोगों को एसएचओ के आश्वासन के बाद जाकर तहसीलदार बाहर आ सके। वार्ड 15 के लोगों ने इस दौरान नपा की चेयरपर्सन बलजिंद्र कौर के खिलाफ भेदभाव का आरोप लगाते हुए उनसे बात करने से ही इंकार कर दिया।
वार्ड नंबर 15 निवासी पूर्व सरपंच बलविन्द्र सिंह, ,भोला सिंह, दारा सिंह ,जोगिन्द्र सिंह, टोनी, मोहन सिंह, करनैल सिंह, लखविन्द्र सिंह, बलवीर सिंह व अन्य वार्ड वासियों ने धरना देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा रतिया में आयोजित रैली के दौरान शहर के 17 वार्डों के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये की ग्रांट राशि मंजूर की थी, लेकिन नगर पालिका की चेयरपर्सन बलजिंद्र कौर और अन्य अधिकारियों ने भेदभाव रवैया अपनाते हुए उनके वार्ड और शहर के कुछ अन्य वार्डों को विकास के मामले में बिल्कुल ही नजर अंदाज कर दिया है। वार्ड वासियों का आरोप था कि नपा चेयरपर्सन सिर्फ अपने और चहेतों के वार्डों पर मेहरबान हो रही हैं। वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड की पार्षद प्रीतपाल कौर ने वार्ड की समस्याओं को लेकर कई बार चेयरपर्सन को अवगत करवाया है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। इस दौरान वार्ड के लोगों ने नगर पालिका के गेट पर धरना देकर आने जाने का रास्ता ही बाधित कर दिया। लोगों के हंगामे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार सुरेंद्र मेहता ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन लोगों के ना मानने पर वो नपा कर्मचारियों से मिलने जैसे ही नपा कार्यालय के अंदर गए, लोगों ने बाहर से गेट को बंद कर दिया। जिसके चलते नायब तहसीलदार और अन्य कई कर्मचारी अंदर ही बंद हो गए। बाद में पहुंचे एसएचओ विक्रमजीत भादू नायब तहसीलदार को बाहर लेकर आए और नायब तहसीलदार सुरेंद्र मेहता ने लोगों को सभी वार्ड में समान रूप से विकास करवाने का आश्वासन दिया तो जाकर लोगों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया।