अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
वाहनों के लिए प्रदूषण प्रमाणपत्र बनाने के लिए परिवहन विभाग ने नियमों में बदलाव कर दिया है। प्रदूषण प्रमाण पत्र अब छह माह के लिए बनाया जाएगा। इससे पहले प्रत्येक तीन माह के बाद आपको अपने वाहन की जांच करवाकर नया प्रदूषण प्रमाण जारी करवाना पड़ता था। तीन माह की अवधि को काफी कम मानकर ही परिवहन विभाग ने नियमों में फेरबदल किया है। इतना ही नहीं, विभाग ने वाहनों के लिए प्रदूषण प्रमाणपत्र की फीस भी निर्धारित कर दी है।
ये होगी प्रदूषण प्रमाणपत्र की नई फीस
वाहन फीस
दो पहिया 50 रुपये
पेट्रोल-सीएनजी वाहन 80 रुपये
सभी डीजल गाड़ियां 100 रुपये
जिले में करीब 25 प्रदूषण जांच केंद्र, सबके अपने-अपने रेट
फतेहाबाद जिले में वाहनों का प्रदूषण स्तर जांचने के लिए लगभग 25 प्रदूषण जांच केंद्र हैं। लेकिन सभी ने अपने स्तर पर ही रेट लिस्ट बना रखी है। परिवहन विभाग की ढिलाई के चलते सभी प्रदूषण जांच केंद्र वाहन मालिकों से अपनी मनमर्जी का रेट वसूल करते हैं। परिवहन विभाग की ढिलाई का अंदाजा इसी बात से लगाए लीजिए कि पिछले एक साल में जिले में किसी भी प्रदूषण जांच केंद्र का औचक निरीक्षण तक नहीं किया गया है। इसके चलते कई प्रदूषण जांच केेंद्र तो सही तरीके से वाहनों की जांच भी नहीं करते और बिना जांच के ही वाहन का प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र बनाकर वाहन मालिक को थमा देते हैं।
परिवहन विभाग ने प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र के लिए नियम तय किए हैं। अब प्रदूषण प्रमाणपत्र छह माह के लिए बनेगा। इसके लिए फीस भी तय कर दी गई है। इससे अधिक फीस कोई लेगा तो उस पर कार्यवाही की जाएगी।
सतबीर जांगू, कार्यवाहक आरटीए सचिव।
अब तीन नहीं, छह माह के लिए बनेगा प्रदूषण प्रमाणपत्र
परिवहन विभाग ने तय किए नए नियम, बाइक के लिए देने होंगे 50 रुपये, अधिक लें तो करें शिकायत
जिले में 25 के करीब प्रदूषण जांच केंद्र, सबके अपने-अपने रेट
11एफटीबीपी07 : फतेहाबाद में एक पेट्रोल पंप पर बना हुआ प्रदूषण जांच केंद्र ।