भूना। बारिश के बाद भीगी हुई गेहूं की 10 हजार बोरियों से लदी 12 गाड़ियां हैफेड गोदाम से लौटा दी गईं। जांच करने पर बोरियों में नमी की मात्रा अधिक पाई गई। इस पर व्यापारियों ने दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन गोदाम इंचार्ज प्रदीप सिंह हुड्डा ने नमी युक्त गेहूं को जमा करने से इन्कार कर दिया।
ऐसे में व्यापारियों को प्रति बैग छह रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। खरीद एजेंसी हैफेड ने आढ़तियों को गेहूं की छोटी ढेरियां लगाने और पंखा लगाकर गेहूं साफ करने का नोटिस दिया है। बारिश से पहले तिरपाल का कोई इंतजाम नहीं था। इसी कारण गेहूं में नमी बढ़ गई।
व्यापारी व अधिकारी हो चुके आमने-सामने : शुक्रवार को अनाज मंडी के एक व्यापारी गुट ने मार्केट कमेटी कार्यालय में समस्या समाधान के लिए मुलाकात की थी। व्यापारियों ने आरोप लगाया गया कि ठेकेदार ने प्लिंथ केंद्रों से गेहूं की उठान नहीं की। इसके बाद व्यापारियों ने हैफेड जिला प्रबंधक पर अपमानित करने और गाली देने के आरोप लगाए।
विरोध में व्यापार मंडल के प्रधान अजय कुमार, धर्मवीर दहिया, अशोक भुटानी सहित कई व्यापारियों ने हैफेड कार्यालय के बाहर दो घंटे धरना दिया। वहीं जिला प्रबंधक राजेश कुमार हुड्डा ने कहा कि उन्होंने किसी भी आढ़ती से फोन पर बात नहीं की। व्यापारियों के आरोप निराधार हैं।
बारिश के बाद गेहूं की बोरियां भीग गई थीं। प्लिंथ केंद्रों पर व्यापारियों ने कोई व्यवस्था नहीं की थी। अगर यह गेहूं गोदाम में लगती तो सड़ जाती और बाकी गेहूं भी खराब हो जाती। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। गोदाम में सिर्फ साफ और सूखी बोरियां ही जमा होंगी। इसलिए 12 गाड़ियां लौटा दी गईं।
- राजेश कुमार हुड्डा, जिला प्रबंधक, हैफेड