कोरोना के नए स्वरूप के ब्रिटेन में मिलने के बाद देश भर में अलर्ट जारी हो चुका है। जिले में भी इस माह 12 यात्री लंदन से आए है जो कि अपने घर जा चुके है। स्वास्थ्य विभाग के पास मुख्यालय से सूची आई है जिसमें लंदन से आए 12 यात्रियों के नाम है। सूची मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी 12 यात्रियों को ट्रेस कर लिया है। ये फतेहाबाद के अहरवां, कुलां, टोहाना, भूना, अहलीसदर और रतिया के रहने वाले हैं।
शुक्रवार को इन सभी लोगों के कोरोना सैंपल लिए गए है। रिपोर्ट शनिवार शाम या रविवार तक आने की उम्मीद है। अगर कोरोना संक्रमित नहीं मिलते है तो 14 दिन तक रोजाना चेकअप होगा। अगर संक्रमित मिलते है तो स्वास्थ्य आइसोलेट करेगा और 28 दिन तक स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में रहेंगे। संक्रमित मिलने वालों को विभाग अलग रखेगा। स्वास्थ्य विभाग ने नवंबर माह में भी जिले में बाहर से आए यात्रियों को सूचना देने का आह्वान किया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक लोग खुद आगे आकर जांच करवाए ताकि संक्रमण न फैल सके।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अगर ये लोग संक्रमित मिलते हैं तो कोरोना के नए स्वरूप की जांच के लिए सैंपल पुणे या फिर दिल्ली की लैब में भेजा जाएगा। यहां पर कोरोना के नए स्वरूप का पता लगाया जाएगा। अगर यहां कोरोना के नए स्वरूप की रिपोर्ट निगेटिव रहती है तो मरीज का दोबारा तय दिनों में कोरोना सैंपल लेकर डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
कोरोना महामारी की शुरूआत के बाद जिला मुख्यालय पर प्रशासन ने अग्रवाल धर्मशाला, राम सेवा समिति धर्मशाला और अरोडवंश धर्मशाला को क्वारंटीन सेंटर बनाया था। मरीजों को घरों में आइसोलेट करने के बाद राम सेवा समिति धर्मशाला और अरोडवंश धर्मशाला से क्वारंटीन सेंटर हटा दिया। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अग्रवाल धर्मशाला को क्वारंटीन सेंटर नहीं खत्म किया है। कोरोना के नए स्वरूप को देखते हुए यात्रियों को यहां पर क्वारंटीन किया जाएगा। अगर कोई कोरोना संक्रमित मिलता है तो उसे नागरिक अस्पताल के जिला क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा। यहां पर वेंटिलेटर की सुविधा है। अगर मरीज की हालत बिगड़ती है तो उसे अग्रोहा मेडिकल रेफर किया जाएगा।
जिले से 12 यात्री लंदन से आए है जिन्हें ट्रेस कर लिया गया है। शुक्रवार को कोरोना सैंपल लिया गया है। अगर संक्रमित मिलते है तो आइसोलेट किया जाएगा। अगर किसी की निगेटिव रिपोर्ट रहती है तो उसका भी रोजाना चेकअप होगा। नवंबर माह में आए यात्रियों से भी अपील है कि वह इस संबंध में विभाग को सूचना दें।
- डॉ.विष्णु मितल, जिला महामारी अधिकारी।