जाखल नगरपालिका की प्रधान सीमा रानी गोयल की आखिरकार एक साल 21 दिन बाद कुर्सी चली गई। शहर के 13 में से 12 पार्षदों ने प्रधान के खिलाफ अविश्वास जताया। दरअसल, पार्षदों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद प्रशासन की ओर से मंगलवार को वोटिंग का दिन तय किया। सुबह टोहाना एसडीएम नवीन कुमार नपा कार्यालय पहुंच गए। सुबह 11 बजे पार्षदों का प्रवेश शुरू हुआ।
हालांकि, सांसद सुनीता दुग्गल और विधायक देवेंद्र बबली के भी बैठक में शामिल होने की सूचना पाकर क्षेत्र के किसान नपा कार्यालय के आसपास पहुंच गए और दोनों नेताओं के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध की पहले से सूचना के चलते पुलिस ने नपा कार्यालय से 100 मीटर की दूरी पर ही बैरिकेड लगा दिए। पार्षदों के अलावा अन्य किसी को नपा कार्यालय में प्रवेश नहीं दिया गया। खुद डीएसपी बिरम सिंह भारी पुलिस बल के साथ तैनात रहे। निवर्तमान प्रधान के खिलाफ पहले नौ पार्षदों द्वारा विरोध जताया गया था, मगर अब अन्य सभी 12 पार्षद ही प्रधान के खिलाफ हो गए।
निवर्तमान प्रधान के ससुर की आत्महत्या मामले में 10 पार्षदों सहित 14 पर दर्ज है केस
जाखल नगरपालिका के चुनाव 16 दिसंबर 2019 को हुए थे। 19 दिसंबर 2019 को परिणाम आए। इसके बाद 2 फरवरी 2020 को सीमा रानी गोयल को प्रधान चुना गया था। पहले भी बागी पार्षदों द्वारा दो बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। सबसे पहले अविश्वास प्रस्ताव में प्रधान को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से राहत मिल गई थी, जबकि उपाध्यक्ष पद की कुर्सी चली गई थी। फिर से बागी पार्षद प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए। उस समय 16 अक्तूबर 2020 को प्रधान सीमा के ससुर नोहरचंद गोयल ने नपा कार्यालय में पंखे से लटककर जीवनलीला समाप्त कर ली थी। प्रधान प्रतिनिधि द्वारा एक सुसाइड नोट भी छोड़ा गया था। पुलिस ने 10 पार्षदों सहित 14 लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया था। यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है और किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
11 बजे के बाद भी पार्षदों के प्रवेश पर प्रधान ने जताया विरोध : इस दौरान प्रधान सीमा गोयल व उनके परिजनों ने सुबह 11 बजे के निर्धारित समय के बाद भी पार्षदों के प्रवेश को लेकर विरोध जताया। उनका कहना था कि प्रशासन ने 11 बजे का समय दिया था मगर उस समय तक सिर्फ चार पार्षद ही आए थे। इसके बाद किसी को प्रवेश नहीं होने देने चाहिए था। मगर एसडीएम ने 11 बजे के बाद भी पार्षदों को आने दिया। इससे नाराज होकर निवर्तमान प्रधान बैठक का बहिष्कार करके चली गईं।
किसान धरनास्थल पर ही डटे रहे : सांसद और विधायक के खिलाफ नारेबाजी करने के बाद उनके आने का इंतजार करते हुए किसान संगठनों ने नगरपालिका कार्यालय के पास ही धरना दिया। जब तक बैठक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तब तक किसान धरनास्थल पर ही डटे रहे। बाद में उन्हें सूचना दी गई कि किसानों के विरोध के चलते सांसद व विधायक बैठक में नहीं पहुंचे। पार्षदों के जाने के बाद किसान भी धरना समाप्त कर वहां से चले गए।
इन पार्षदों ने जताया अविश्वास 3 वार्ड नंबर एक से पार्षद हरविंद्र सिंह, वार्ड नंबर 2 से वीरा रानी, वार्ड नंबर 3 से मोनिका गोयल, वार्ड नंबर 4 से कीर्ति गोयल, वार्ड नंबर 5 से सीमा रानी, वार्ड नंबर छह से गोविंद राम, वार्ड नंबर 7 से स्वाति रानी, वार्ड नंबर 8 से विक्रमजीत सिंह, वार्ड नंबर 9 से विक्रम कुमार, वार्ड नंबर 10 से विकास कुमार, वार्ड नंबर 11 से अमित कुमार, वार्ड नंबर 12 से नीटी बंसल।
यह होगा आगे : अधिकारियों के अनुसार सीमा गोयल के पदमुक्त होने के बाद अब नए सिरे से नया प्रधान चुनने की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासन द्वारा नए प्रधान का चुनाव करवाने के लिए बैठक तय होगी। उस बैठक में मौजूद रहने वाले पार्षदों के बीच चुनाव करवाया जाएगा। अगर पार्षद चाहेंगे तो सर्वसम्मति भी बन सकती है।
हमें सूचना मिली थी कि सांसद सुनीता दुग्गल व विधायक देवेंद्र बबली नगरपालिका कार्यालय जाखल में पहुंचेंगे। इसलिए उनका विरोध करने किसान वहां पहुंचे। हमने फैसला लिया है कि उन्हें टोहाना विधानसभा के किसी भी गांव में घुसने नहीं देंगे, जहां भी वे जाएंगे, वहीं उनका विरोध करेंगे। नगरपालिका की कार्रवाई से हमारा कोई लेना देना नहीं है, लेकिन सांसद व विधायक का विरोध करेंगे। -लाभ सिंह, किसान नेता।
नगरपालिका की निवर्तमान प्रधान सीमा गोयल के खिलाफ 12 पार्षदों ने वोटिंग की है, जिसके आधार पर उन्हें प्रधान पद से मुक्त कर दिया गया है। सीमा गोयल व उनके परिवार की ओर से प्रशासन पर लगाए आरोप निराधार हैं। समय की कोई पाबंदी नहीं थी। 12 पार्षद मौजूद रहे लेकिन प्रधान सीमा गोयल कार्यालय में आने के बाद वापस चली गईं। हमने उनसे बैठक में मौजूद रहने का आग्रह किया था। - नवीन कुमार, एसडीएम, टोहाना।