अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। व्यापार करने के नाम पर न्यू इंडिया इंटरप्राइजेज नामक कंपनी पंजीकृत करवाकर बिना व्यापार किए केवल फर्जी बिलों के सहारे खरीद व बिक्री दिखाकर करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी कर ली। एक्साइज एवं टैक्स विभाग के पंचकूला मुख्यालय के आदेशों पर जब जिला राजस्व एवं कराधान विभाग की टीम ने कंपनी के पते पर छापा मारा तो न कंपनी मिली न कंपनी मालिक। इसके बाद जब विभाग ने जांच शुरू की तो पता चला कि जिस जगह पर कंपनी का दफ्तर दिखाया गया है, फतेहाबाद के पुराने बस स्टैंड के पास स्थित उस जगह पर एक एसी ठीक करने वाले मिस्त्री की दुकान है।
बड़ोपल गांव के जिस व्यक्ति हवा सिंह के नाम कंपनी पंजीकृत है, वह खेती का काम करता है। आरोपी ने केवल जीएसटी के ऑनलाइन पोर्टल पर सौ करोड़ से अधिक के फर्जी बिलों से खरीद बेच दिखाकर विभाग को केवल 7 महीनों में ही 13 करोड़ रुपये का टैक्स का नुकसान पहुंचा दिया। आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी इस मामले को मनी लॉड्रिंग से भी जोड़कर देख रहे हैं। अधिकारियों की मानें तो इस पूरे मामले में करीब 1 महीने तक जांच करने के बाद जिला राजस्व व कराधान विभाग ने मामले की शिकायत शहर थाना पुलिस को देकर न्यू इंडिया इंटरप्राइजेज कंपनी मालिक हवा सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया है। पुलिस तो पूरे मामले की जांच करेगी ही, आबकारी विभाग पूरे मामले को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भी भेजने की तैयारी कर रहा है।
1 फरवरी को लिया था व्यापार करने का लाइसेंस
आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा दी शिकायत के अनुसार आरोपी हवासिंह ने 1 फरवरी को जिला राजस्व व कराधान विभाग से व्यापार करने का लाइसेंस लिया था। केवल 7 महीनों में विभाग को 12 करोड़ 98 लाख 37 हजार 770 रुपये का नुकसान पहुंचाया है। व्यापार करने को लेकर लिए गए लाइसेंस का गलत प्रयोग करते हुए आरोपी ने वस्तुओं का कोई लेन नहीं किया बल्कि केवल ऑनलाइन पोर्टल पर फर्जी बिलों के माध्यम से पैसे को इधर से उधर करते हुए विभाग को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया है। इतना ही नहीं आरोपी ने आनलाइन कुछ ऐसी फर्मों को भी माल बेचा हुआ दिखाया है जिनके लाइसेंस रद्द हो चुके हैं। अधिकारी की मानें तो उक्त आरोपी ने इतने कारोबार के दौरान सरकार को एक पैसा भी टैक्स के रूप में नहीं दिया।
19 डीलरों को 253 फर्जी बिल बनाकर किया घोटाला
आबकारी व कराधान आयुक्त वीके शास्त्री की मानें तो आरोपी हवासिंह ने बिना किसी वस्तु के लेन देन के केवल फर्जी बिलों के सहारे 19 डीलरों के साथ लेनदेन दिखाया है। खास बात यह है कि इन 19 फर्जी डीलरों के नाम ऑनलाइन बिल बनाकर 12 करोड़ 98 लाख 37 हजार 770 रुपये का घपला किया है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे काम काले धन को सफेद करने के लिए किए जाते हैं। अधिकारियों के अनुसार ऐसे लोग विभाग को चकमा देने के लिए बताते है कि उन्होंने यह पैसा खरीद बेच से कमाया है। लेकिन वास्तव में यह पैसा अज्ञात स्त्रोतों से कमाया हुआ होता है।
जिले की पांच और फर्जी कंपनियां विभाग के रडार पर
जिला राजस्व एवं कराधान आयुक्त वीके शास्त्री ने बताया कि फतेहाबाद जिले में 5 और ऐसी ही कंपनियों के खिलाफ जांच की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही उनके ऊपर भी केस दर्ज करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऐसे लोग काले धन को सफेद करने के लिए कंपनी का रजिस्ट्रेशन करवाकर फर्जी लेन देन दिखाकर करोड़ों रुपये का टैक्स चोरी करते है तथा लोगों के काले धन को सफेद करने का काम करते है।
वर्जन
राजस्व विभाग की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस जल्द ही मामले की तह तक पहुंच जाएगी।
रिछपाल साहू, शहर थाना प्रभारी