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डीसी-एसपी की कोठी और सचिवालय के बाहर सड़कों पर स्ट्रीट लाइट्स पिछले दस दिनों से बंद, अफसर-पब्लिक सब सोए

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अमित रूखाया
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फतेहाबाद। दिवाली रोशनी का त्योहार माना जाता है। इसके नजदीक आते ही हर घर और सड़कों पर रोशनी बढ़ा दी जाती है। लेकिन फतेहाबाद में ऐसा नहीं है। दिवाली का त्योहार मुहाने पर होने के बावजूद शहर के बीचोंबीच से गुजर रहा नेशनल हाइवे रात होते ही अंधेरे की चादर ओढ़ लेता है। ये स्थिति आज कल की नहीं है, बल्कि पिछले 15 दिनों से कमोबेश यही स्थिति है। ‘अमर उजाला’ ने पिछले दस दिनों में रोज रात को अंधेरा ढलने के बाद नेशनल हाईवे पर लगी स्ट्रीट लाइट्स की स्थिति का मुआयना किया तो जाकर ये स्थिति सामने आई। इसमें जिले के मुखिया उपायुक्त-पुलिस कप्तान के निवास के बाहर की सड़क भी शामिल है। लेकिन सिक्के का एक पहलु और भी है। वो है आम पब्लिक और इन अफसरों की उदासीनता। पिछले 15 दिनों से सड़क पर नगर परिषद की लगाई आधे से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं, लेकिन नगर परिषद कार्यालय में किसी ने एक शिकायत तक नहीं की है। राह चलते किसी बड़े अफसर ने इस मामले का संज्ञान ले लिया तो ठीक, अन्यथा जीटी रोड स्थित दुकानों के दुकानदार इसे अपना मुद्दा नहीं बनाएंगे।

ये है शहर के बीच से गुजर रहे नेशनल हाइवे की स्ट्रीट लाइट्स की ग्राउंड रिपोर्ट
बस स्टैंड से सेतिया पैलेस तक बेहतर है व्यवस्था
स्थानीय नए बस स्टैंड से लेकर सिरसा रोड पर सेतिया पैलेस के सामने तक स्ट्रीट लाइट्स की हालात शहर में सबसे शानदार है। लगभग एक किलोमीटर की इस सड़क में इक्का-दुक्का ही स्ट्रीट लाइट खराब है। बाकी पूरा रास्ता स्ट्रीट लाइट की सुनहरी रोशनी में नहाया हुआ प्रतीत होता है। इसका फायदा भी होता है। रोशनी के चलते यहां पर देर रात तक चहल-पहल बनी रहती है।
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भूना रोड से हिसार चुंगी तक घुप्प अंधेरा, एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं मिली चालू
शहर के अंदर स्ट्रीट लाइट्स की सबसे बुरी व्यवस्था भूना मोड से लेकर हिसार चुंगी तक की है। हैरानी इस बात को लेकर है कि इसी रोड पर लघुसचिवालय, कोर्ट काम्पलैक्स एवं डीसी-एसपी सरीखे दिग्गजों अफसरों की कोठियां तक हैं। लेकिन इस एक किलोमीटर के इस रूट पर सबसे अधिक अंधेरा है। इसी बात से अंदाजा लगाइए कि इस पूरे रूट पर तकरीबन 55 के करीब स्ट्रीट लाइट्स लगी हुई हैं लेकिन एक भी स्ट्रीट लाइट चालू हालत में नहीं है। हैरत देखिए आफिसर कालोनी में रहने वाले अधिकारियों में शामिल डीसी, एसपी, एडीसी की ओर से एक भी शिकायत नगर परिषद दफ्तर को नहीं की गई है।
बीघड़ मोड से लेकर भूना मोड़ तक हर दूसरे खंभे पर है खराब स्ट्रीट लाइट
बीघड़ मोड़ से लेकर भूना मोड तक स्ट्रीट लाइटों की हालत दयनीय ही है। बीघड़ मोड से भूना मोड तक तकरीबन 78 स्ट्रीट लाइट्स हैं। 39 खंभों पर लगी इन स्ट्रीट लाइट्स में हर दूसरे खंभे पर लगी कम से कम एक स्ट्रीट लाइट तो अवश्य बंद है। ऐसे में बीघड़ मोड़ से भूना मोड तक कहीं-कहीं अंधेरा घना हो जाता है। लेकिन इस रूट पर भी किसी दुकानदार ने इसकी शिकायत नगर परिषद से नहीं की है।
यह कहना है दुकानदारों का
दिवाली के दिनों में दुकान पर काम बढ़ गया है लेकिन दुकान के बाहर पर्याप्त रोशनी ना होने के कारण अंधेरा होने के बाद अधिकतर लोग शाम होने के बाद आने से झिझक रहे हैं। शिकायत करना चाहते हैं, लेकिन दुकान पर काम अधिक होने के कारण नहीं कर पाते। सरकार कोई टोल फ्री नंबर जारी करे ताकि लोगों को नगर परिषद के चक्कर ही ना काटने पड़ें।
हैप्पी लूना, दुकानदार ।
मेरा कार्यालय जाट धर्मशाला के पास है। रात को अंधेरा होने के बाद यहां पर रुकना खतरे से भरा लगता है। स्ट्रीट लाइटों में से अधिकतर के बंद होने के चलते हालात गंभीर है।
सुमित सेठी, आफिस संचालक।
नेशनल हाइवे पर स्ट्रीट लाइट्स बंद होने से एकाएक अंधेरा छा जाता है और पिछले दस दिन से ये लाइटें बंद हैं। जिसके चलते कई बार पैदल चलने वालों के लिए भी परेशानी पैदा होती है।’
मदन मेहता, व्यवसायी।
नप प्रशासन को चाहिए कि दिवाली से पहले रोशनी का पूरा प्रबंध पूरे शहर में होना चाहिए। खासकर नेशनल हाइवे पर स्ट्रीट लाइटों की तो व्यवस्था पूरी तरह अपडेट होनी चाहिए।
विकेश श्रीधर, व्यवसायी ।
इन तरीकों से की जा सकती है स्ट्रीट लाइट्स खराब होने की शिकायत
1. नप दफ्तर की पुरानी बिल्डिंग में शिकायत देकर
2. ट्विटर पर सीएमओ व सीएम मनोहर लाल को टैग करके ट्वीट करने से
3. सीएम विंडो पर ऑनलाइन शिकायत देकर
4. अपने वार्ड के पार्षद के मार्फत
एलईडी प्रोजेक्ट है स्ट्रीट लाइट्स के ठीक ना होने की सबसे बड़ी वजह
अमूमन ऐसा नहीं होता था कि सड़क पर स्ट्रीट लाइट्स खराब हों और उन्हें 15-15 दिन तक संभाला ही नहीं जाए। लेकिन सरकार द्वारा स्ट्रीट लाइटों को एलईडी लाइटों से बदलने के फैसले के बाद नगर परिषद के अधिकारी और कर्मचारी इस ओर ढिलाई बरतने लगे हैं। अधिकारी इस इंतजार में हैं कि एलईडी लाइट्स आने के बाद पूरी तरह लाइट्स बदल दी जाएं। लेकिन इसमें अभी लंबा समय लगना है।
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डीसी बोले, जल्द ठीक होगी व्यवस्था
मेरे संज्ञान में ये मामला नहीं था। दीवाली के दिनों में क्यों, स्ट्रीट लाइट्स तो हमेशा ही रोशन रहनी चाहिए। नप प्रशासन को निर्देश दूंगा कि जल्द ही स्ट्रीट लाइट्स को ठीक करवाया जाए।
डा. जेेके आभीर, उपायुक्त फतेहाबाद ।
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