निजीकरण हुआ तो रोडवेज में प्रभावित होंगी 40 जन सुविधाएं : बलवान
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। इनेलो विधायक बलवान दौलतपुरिया ने परिवहन निगम कर्मियों की हड़ताल को प्रदेश की भाजपा सरकार की तानाशाही हठधर्मिता का परिणाम बताया है। सीएम केवल मात्र अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने की मंशा से रोडवेज का निजीकरण करना चाहते हैं। यदि ऐसा हुआ तो रोडवेज में आमजन को मिल रही 40 तरह की जन सुविधाएं प्रभावित होंगी, जिसका सीधा नुकसान सरकारी बसों में सफर करने वाले बुजुर्गों, पूर्व सैनिकों, बच्चों आदि को होगा। विधायक बलवान सिंह अपने अनाज मंडी स्थित कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों व समर्थकों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उनके साथ निवर्तमान युवा इनेलो प्रदेश उपाध्यक्ष राणा जोहल, जिप पार्षद प्रतिनिधि जोगी सिहाग, युवा नेता सतेंद्र श्योराण, विनीत बिश्नोई आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
इनेलो विधायक दौलतपुरिया ने कहा कि रोडवेज के बाडे़ में 720 नई बसें शामिल करने के पीछे सीएम का रोडवेज की वर्तमान बसें महंगी पड़ने का दावा झूठा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल अपना झूठ छुपाने के लिए बयान दे रहे हैं कि रोडवेज की बसें 45 से 54 रुपये प्रति किमी मंहगी पड़ती है। लेकिन सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है, वास्तविकता यह है कि रोडवेज की बसें इस समय सरकार को 24 से 27 रुपये प्रति किमी पड़ रही हैं, जो बेहद सस्ती है।
उन्होंने का कि इनेलो सुप्रीमो औमप्रकाश चौटाला की सरकार के समय हरियाणा परिवहन निगम व्यवस्था पूरे हिंदुस्तान में नंबर एक पर थी। इनेलो सरकार ने अपने कार्यकाल में बड़े स्तर पर चालक-परिचालक भर्ती करने के साथ-साथ 1600 नई बसें रोडवेज के बाड़े में शामिल करने का काम किया था। गुरुग्राम के परिवहन निगम वर्कशॉप में राजस्थान, पंजाब तक की बसों की मरम्मत से लेकर उनकी पुनर्निर्माण तक का काम होता था। आमजन के सफर को सुगम बनाने के लिए चौटाला सरकार ने लंबे रूटों पर डिलैक्स बसें चलाई। आज प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल हरियाणा परिवहन निगम को 600 करोड़ के घाटे में होने का बयान दे रहे हैं, लेकिन सच यह है कि हरियाणा रोडवेज घाटे में नहीं है। उन्होंने कहा कि एक ऐसा कोरीडोर है, जिसकी वजह से दिल्ली के तीन तरफ हरियाणा की सीमा लगती है। इन तीन सीमाओं में से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और यूपी की बसें आवागमन करती है, जिनसे बड़ा टैक्स वसूल कर सरकारी खजाने में डाला जाता है। दौलतपुरिया ने कहा कि यदि यही टैक्स सरकार अपने खजाने में डालने की बजाय परिवहन निगम के खाते में डाले तो इसका फायदा रोडवेज विभाग को मिलेगा।