स्कूलों को निजी कंपनियों के अधीन नहीं होने देंगे : दुसाद
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। सरकारी स्कूलों में निजी कंपनियों के माध्यम से की जा रही भर्तियों के खिलाफ शिक्षा विभाग के कर्मचारी एकजुट हो गए हैं। इसके विरोध में कर्मचारी व अध्यापक 10 जुलाई को जिला उपायुक्त कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन सौपेंगे। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला सचिव कृष्ण नैन व जिला प्रधान सुरजीत दुसाद ने कहा कि पहले ही गेस्ट टीचर, कम्प्यूटर टीचर, सिम, लैब सहायक, चौकीदार, पार्ट टाईम स्वीपर के रूप में सरकार युवाओं का बहुत शोषण कर रही हैं। बार-बार न्याय की गुहार लगाने, आंदोलन करने व कोर्ट द्वारा भी समान काम समान वेतन न देने पर फटकार लगाने के बावजूद सरकार न्याय नहीं कर रही है। अब मल्टीपर्पज वर्कर के रूप में कम्पनियों की दलाली में भ्रष्टाचार के साथ एक ओर युवाओं के शोषण की नई भट्टी खोलने की तैयारी चल रही हैै। इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
संघ के राज्य प्रधान सीएन भारती, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र बाटू व राजपाल मित्ताथल ने बताया कि शिक्षा विभाग के कर्मचारी जिनमें हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, लिपिक का संगठन हेमसा व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यूनियन शामिल हैं, शिक्षा विभाग के निजीकरण के खिलाफ एकजुट हो गए हैं व शिक्षा विभाग तालमेल कमेटी का गठन कर लिया गया है। राज्य तालमेल कमेटी में लिए गए फैसले अनुसार प्रदेश में निजी कम्पनियों द्वारा की जा रही भर्तियों के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करते हुए 10 जुलाई से जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके बाद 13 जुलाई को 200 दिन से भी ज्यादा समय से संघर्षरत तालमेल कमेटी के महेन्द्रगढ़ के आंदोलन को बड़ा करते हुए राज्य स्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा। सरकार की हठधर्मिता व वायदाखिलाफ को उजागर करने, सरकारी विभागों के विस्तार व युवाओ के रोजगार के विषय पर 15 अगस्त तक गांव-गांव जाकर जनसभाएं करते हुए अपनी बात जनता से सांझी की जाएगी।