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निजी बसों के अड्डे में घुसने पर बवाल, रोडवेजकर्मियों और निजी बस चालकों में झड़प, चक्का जाम

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निजी बसों के अड्डे में घुसने पर बवाल
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फतेहाबाद।
बस स्टैंड परिसर में निजी बसों को आने से रोकने को लेकर शनिवार को निजी बस संचालकों और रोडवेज कर्मचारी नेताओं के बीच बस अड्डा परिसर में ही झड़प हो गई जिसके बाद गुस्साए रोडवेज कर्मचारियों ने बस अड्डे के अंदर और बाहर बसें आड़ी-तिरछी लगाकर चक्काजाम कर दिया जिसके चलते सारा दिन यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और अपने गंतव्य पर जाने के लिए यात्री निजी बसों के पीछे भागते नजर आए। सारा दिन बसों की हड़ताल के चलते डीएसपी रविंद्र तोमर और कार्यकारी जीएम रामकुमार फतेहाबाद बस स्टैंड परिसर पहुंचे और हड़ताली कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन गुस्साए रोडवेज कर्मचारी और नेता आरोपी निजी बस संचालकों पर मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े हुए थे। इस बारे में बात करने पर रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सरबत सिंह पूनिया ने कहा कि सरकार जानबूझकर रोडवेज और निजी बस संचालकों को आपस में लड़ाना चाहती है। इसलिए ऐसी हरकतें करवा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि निजी बस संचालकों का ये व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक पुलिस आरोपी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करती, तब तक आंदोलन शांत नहीं होगा। पूनिया ने कहा कि रविवार को हिसार में रोडवेज प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक है अगर पुलिस कार्यवाही नहीं करती तो इस बैठक में बड़े निर्णय भी लिए जा सकते हैं। जब इस बारे में कार्यकारी जीएम रोडवेज रामकुमार एवं डीएसपी रविंद्र तोमर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि फिलहाल मामले में दोनों पक्षों से बात की जा रही है।

इस तरह शुरू हुआ विवाद
रोडवेज यूनियन प्रधान सूरजभान चोपड़ा ने आरोप लगाया कि एक प्राईवेट बस डिपो में आकर काउंटर पर लगी हुई थी। उन्होंने जब बस चालक और परिचालक से पूछा तो उन्होंने उनसे कथित तौर पर हाथापाई शुरू कर दी। सूरजभान चोपड़ा का आरोप था कि अभी रोडवेज यूनियन का सरकार से वार्तालाप चल रहा है और फिलहाल मौजूदा स्थिति में बस अड्डा परिसर के अंदर निजी बसों का आना वर्जित रखा गया है, लेकिन निजी बस संचालक जबरदस्ती करते हुए ना केवल अंदर घुस आया बल्कि सवारियां भी भरने लगा। चोपड़ा ने कहा कि जब उसने निजी बस मालिक से इसका कारण पूछा तो आरोप है कि उक्त संचालक हाईकोर्ट के एक आदेश की प्रति दिखाते हुए बोला कि वो तो अब बसें अंदर ही लेकर आएंगे और उनको रोकने वालों को उठा लिया जाएगा। रोडवेज डिपो प्रधान सूरजभान चोपड़ा के अनुसार अगर निजी बस संचालकों के पास कोर्ट के आदेश की प्रति भी है तो सीधा बस चलाने का आदेश उनको कैसे मिल सकते हैं। इसके लिए आरटीए से बकायदा टाइमटेबल की प्रति होनी चाहिए। सूरजभान का आरोप है कि इतना कहते ही निजी बस संचालक और उनके बुलाए हुए आदमी उसके साथ धक्का-मुक्की करने लगे जिसकी बकायदा वीडियो तक वायरल हुई है। चोपड़ा का आरोप है कि निजी बस संचालक ने इस दौरान उसे उठा लेने की भी धमकी दी। इसके बाद रोडवेज कर्मचारी नेताओं ने बस स्टैंड चौकी में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। बाद में मौके पर रोडवेज यूनियन के प्रदेश स्तरीय नेता सरबत सिंह पूनियां और दलबीर किरमास भी पहुंचे।
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निजी बस ने रोडवेज कर्मचारियों के खिलाफ दी शिकायत
निजी बस चालक प्राईवेट संघ के महासचिव अशोक ने आरोप लगाया कि रोडवेज कर्मचारी जानबूझकर गुंडागर्दी करते हैं। फतेहाबाद से नरवाना रूट पर चलने वाली बस के मालिक सतीश कुमार ने चौकी में दी शिकायत में आरोप लगाया है कि उन्हें हाईकोर्ट के आदेश पर परमिट और रूट मिला है। बावजूद इसके रोडवेज कर्मियों ने उनकी बस को गैर कानूनी तौर पर जबरदस्ती रोका।
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एकाएक हुई हड़ताल से यात्री परेशान, निजी साधनों की हुई चांदी
शनिवार को एकाएक हुई रोडवेज हड़ताल से आम यात्रियों की मुसीबत एकाएक बढ़ गई। अचानक रोडवेज बसों का चक्का जाम होने से अपने गंतव्य पर जाने वाले लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह लोग रोडवेज कर्मचारियों को हड़ताल के लिए कोसते भी नजर आए। दूसरी ओर रोडवेज हड़ताल की सूचना मिलते ही एकाएक अनेक निजी बसें और अन्य साधन बस स्टैंड के आसपास आकर खड़े हो गए और मजबूरी वश लोगों को अपने गंतव्य पर जाने के लिए निजी साधनों का सहारा लेना पड़ा। जिसके चलते निजी वाहन चालकों ने खूब चांदी कूटी।
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