अमर उजाला इंपैक्ट...
अमर उजाला ने उठाया मुद्दा तो हिम्मतपुरा के किसानों का दर्द बांटने पहुंचे कृषि अधिकारी
किसानों को दी फसल बीमा योजना की जानकारी, दोबारा धान नहीं लगाने पर निशुल्क मक्का बीज उपलब्ध करवाने का दिया आश्वासन
कृषि एसडीओ बोले, एसडीएम को भेजेंगे रिपोर्ट, प्रशासन की ओर से मदद के करेंगे प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना।
उपमंडल के गांव हिम्मतपुरा में किसानों की फसल की बर्बादी की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद प्रशासन की नींद से जागा। मंगलवार को कृषि विभाग की एक टीम एसडीओ बलजीत सिंह के नेतृत्व में गांव हिम्मतपुरा में जाकर किसान की फसलों का जायजा लिया। टीम ने किसानों से उनकी फसल की खराबी की जानकारी ली, इस दौरान कृषि विभाग के अजय ढिल्लों ने किसानों से मिल कर उन्हें प्रधानमन्त्री बीमा योजना की जानकारी भी दी और इसके फार्म भी उपलब्ध करवाए, जिससे वो इस योजना का लाभ ले सके। उन्होंने किसानों को बताया कि दोबारा धान की फसल को लगाने में असमर्थ हो तो मक्का व दाल की फसल भी लगा सकते है जिसमें कृषि विभाग उनका पूरा सहयोग करेगा।
हिम्मतपुरा सहित अन्य कुछ गांवों में बारिश का पानी आफत बना हुआ है। यहां की सैकड़ों एकड़ धान व सब्जी लगी भूमि जलमग्न हो गई है। आलम यह है कि किसान बर्बादी की दहलीज पर आ गए। किसानों को इस बात का भी दंश था कि अभी तक किसी अधिकारी ने उनकी सुध नहीं ली। लेकिन बीते दिन अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के अगले ही दिन कृषि विभाग का अमला पहुंच गया।
चार दिन से पानी निकालने में जुटे किसानों को देखकर हैरान रह गए अधिकारी
मंगलवार को जब कृषि विभाग की टीम गांव हिम्मतपुरा पहुंची तो देखा कि वहां किसान पिछले चार दिन से बारिश का पानी निकालने में जुटे हैं। किसान इंजन द्वारा पानी बाहर निकाल रहे हैं। चार दिनों से लगातार इंजन लगा कर पानी को एक खेत से दूसरे खेत में भेज कर आगे निकाला जा रहा है। जिसमें भारी धनराशि खर्च करनी पड़ रही है।
क्या कहते हैं कृषि विशेषज्ञ
कृषि विशेषज्ञ अजय ढिल्लो ने बताया कि किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना बारे जानकारी देते हुए योजना से संबधित फार्म दे दिया है। किसान इस फार्म को भरकर जानकारी देंगे कि किस खेत में कितना नुकसान हुआ है। यह फार्म बीमा कंपनी के पास जाएगा जिसमें एक किसान, एक कृषि विभाग से एक कंपनी का मेंबर होगा इनकी कमेटी बन कर इसका जायजा लेगी। ढिल्लों ने माना कि किसानो का नुकसान काफी हुआ है । उनके अनुसार यहां लगभग 100 से 150 एकड़ का नुकसान हुआ है। कोई पाईप लाईन यहां से घग्घर तक चली जाती है तो इनको फायदा हो सकता है।
एसडीओ ने कहा-प्रशासन करेगा
एसडीओ बलजीत सिंह ने बताया कि बारिश की वजह से नुकसान है। किसान आपस में मिलजुल कर पानी निकाल भी रहे हैैं। फसल तो 70-80 प्रतिशत इनको दोबारा ही लगानी पड़ेगी। किसानों की इस समस्या बारे के में एसडीएम से बात करेंगे। जिससे प्रशासन की जो भी मदद होगी वो करवाई जाएगी। किसानों को बता दिया है कि आप फसल बीमा योजना के तहत क्लेम कर सकते है। विभाग इस स्थिति में किसान के साथ है। अगर कोई किसान ज्यादा लेट हो जाता है धान नहीं लगा सकता तो सरकार द्वारा फ्री मक्का की बीज दी जा रही है।
04एफटीबीपी23 : अमर उजाला में छपी हुई खबर जिसका विभाग ने संज्ञान लिया।
04एफटीबीपी24 : हिम्मतपुरा गांव में कृषि विभाग की टीम किसानो से बातचीत करते हुए ।
04एफटीबीपी25 : टोहाना के गांव हिम्मतपुरा में खेतों से पानी निकालते हुए किसान।