हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने शुक्रवार को दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया। कोरोना महामारी के चलते जिला बनने के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि दसवीं कक्षा के सभी छात्र पास हो गए हैं। बोर्ड ने प्रेक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर विद्यार्थियों को 100 फीसदी अंकों के साथ पास कर दिया है। कोरोना महामारी के चलते जिले के 11809 विद्यार्थियों की दसवीं कक्षा की परीक्षा रद्द कर दी गई थी।
ऐसा पहली बार हुआ है जब जिला का परीक्षा परिणाम सौ फीसदी रहा है। अब तक जिले का परीक्षा परिणाम 70 फीसदी से ज्यादा नहीं रहा है। 2018 में 50 फीसदी से भी कम विद्यार्थी पास हुए थे। 2019 में जिले का परीक्षा परिणाम 56.82 तथा 2020 में 69.77 फीसदी रहा था।
85 प्रतिशत लिया था लक्ष्य, 100 फीसदी हुए पास
दसवीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम को लेकर 24 फरवरी को जिला स्तरीय बैठक हुई थी। इस बैठक में दसवीं कक्षा का 85 प्रतिशत परिणाम का लक्ष्य रखा गया था। इसके साथ ही स्कूल प्राचार्यों को सख्त चेतावनी दी गई थी कि कम परीक्षा परिणाम पर कार्यवाही होगी। लेकिन कोरोना महामारी के चलते परिणाम लक्ष्य से ज्यादा 100 फीसदी तक रहा।
परीक्षा परिणाम को लेकर बोर्ड का निर्णय ठीक है। ये बात भी सच है कि विद्यार्थियों के भविष्य पर असर पड़ेगा लेकिन कोरोना महामारी के इस हालात में ये कदम उठाना भी जरूरी था। महामारी के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई खराब हुई है। - हरमिंद्र सिंह, प्राचार्य, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, फतेहाबाद।
बोर्ड ने स्कूलों द्वारा तय किए प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन अंक के आधार पर परीक्षा परिणाम दिया है। सभी विद्यार्थी पास हो गए हैं। आईटीआई आदि में जहां तक दाखिला की बात है वहां पर प्रवेश परीक्षा के आधार पर दाखिला लेने का फैसला लिया जा सकता है। हालांकि इसको लेकर कुछ तय नहीं किया गया है। - दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी।