अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के गोबर धन योजना के तहत गांव काजलहेड़ी में 3 करोड़ 33 लाख रुपये का एक ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के लिए प्रोजेक्ट सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। यह जानकारी उपायुक्त डॉ. जेके आभीर ने शुक्रवार को पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा आयोजित वीडियो कांफ्रेंस में दी। उपायुक्त ने बताया कि गोबर धन योजना गांव काजलहेड़ी में शुरू की जाएगी। गांव की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इस कार्य को करेंगी। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन में स्वच्छ गांव बनने के लिए खुले में शौच मुक्त होने और गांव में ठोस व तरल कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अब ओडीएफ प्लस की गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
उपायुक्त ने बताया कि जिला में स्वच्छ सुंदर शौचालय प्रतियोगिता का शुभारंभ 1 जनवरी से किया गया है। जिला के सभी गांव में ओडीएफ टीम और सक्षम युवा इस कार्य में लोगों को जागरूक कर रहे है। लोगों को अपने शौचालय सही तरीके से क्रियांवित करने और उन्हें सुंदर बनाने बारे जागरूक किया जा रहा है और उन्हें बताया जा रहा है इसमें जिस नागरिक का शौचालय स्वच्छ व सुंदर होगा उसे पुरस्कार भी दिया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि जिला में 5 हजार नये शौचालय बनाए जाएंगे, जिनका सर्वे हो चुका है और जल्द ही इनकी जीयो टैगिंग भी कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत 1 करोड़ 14 लाख रुपये खर्च किए जा चुके है, जिनका एमआईएस पर अपलोड किया जा रहा है। वीडियो कांफ्रेंस में डीआरडीए के सीईओ डॉ जयबीर यादव, स्वच्छ भारत मिशन के जिला प्रभारी सुभाष चंद्र भी मौजूद रहे।