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निजीकरण के खिलाफ रोडवेज कर्मचारी आज करेंगे भूख हड़ताल

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निजीकरण के खिलाफ रोडवेज कर्मी आज करेंगे सांकेतिक भूख हड़ताल
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। प्रदेश सरकार द्वारा रोडवेज के निजीकरण के किए जा रहे प्रयासों को रोडवेज कर्मचारी किसी भी सूरत में कामयाब नहीं होने देंगे। सरकार की कर्मचारी व जनविरोधी नीतियों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के वरिष्ठ सदस्य एवं फतेहाबाद प्रधान मनोज कुंडू व सचिव रामदिया ने कहा कि रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति हरियाणा सरकार की निजीकरण की नीतियों के विरोध में आंदोलनरत है। रोडवेज कर्मचारी 720 निजी बसों को रुकवाने, कर्मचारियों पर दर्ज मुकदमे वापस करवाने व निलंबित कर्मचारियों को बहाल करवाने की मांग को लेकर 20 सितंबर को सुबह 11 बजे से 21 सितंबर सुबह 11 बजे तक 24 घंटे की सांकेतिक भूख हड़ताल करेंगे। इस भूख हड़ताल में टोहाना सब डिपो व फतेहाबाद डिपो से दोनों यूनियनों के पदाधिकारी व कर्मचारी भाग लेंगे।
कुंडू ने बताया कि सरकार घाटे का बहाना बनाकर रोडवेज का निजीकरण करना चाहती है वहीं सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले कर्मचारियों पर एस्मा जैसा काला कानून लगाकर उनके आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है जिसे रोडवेज कर्मचारी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग एक जनकल्याणकारी विभाग है। यह जनता को सबसे सस्ती, बढ़िया व सुरक्षित परिवहन सेवा देता है।
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उन्होंने कहा कि सरकार रोडवेज के बेड़े में 10 हजार नई बसें शामिल करके प्रदेश के 60 हजार बेरोजगार युवाओं को स्थायी रोजगार उपलब्ध करवा सकती है लेकिन ऐसा करने की बजाय सरकार चुनावी चंदा इकट्ठा करने के लिए अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए रोडवेज का निजीकरण करना चाहती है। संयुक्त सघर्ष समिति द्वारा 14 व 15 नवंबर को भी दो दिन की हड़ताल की जाएगी। अगर इससे भी सरकार ने सबक नहीं लिया तो हड़ताल को अनिश्चितकाल में बदल दिया जाएगा जिसकी सारी जिम्मेवारी राज्य सरकार की होगी।
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