अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
उपायुक्त डॉ. हरदीप सिंह ने कहा है कि गीता ग्रंथ दुनिया का महान और आलौकिक ग्रंथ है। इस ग्रंथ की महत्ता को पूरी दुनिया के विद्वानों ने स्वीकार किया है। गीता ग्रंथ में हर प्रश्न का उत्तर है। गीता को जीवन में अपनाएं और जीवन को सार्थक करें। उपायुक्त मंगलवार को स्थानीय पंचायत भवन में तीन दिवसीय जिला स्तरीय गीता महोत्सव के प्रथम दिन प्रदर्शनी का उद्घाटन कर जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. हरदीप सिंह ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न विभागों की नीतियों और योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली। इससे पूर्व उन्होंने हवन में पूर्ण आहूति डाल तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष वेद फुलां ने की। कार्यक्रम में जिला कार्यवाह आरएसएस कीर्ति गोयल, महामंत्री बलदेव ग्रोहा और चेयरमैन रिंकूमान विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
विदेशों में मनाया जा रहा गीता महोत्सव
डॉ. हरदीप सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कुरूक्षेत्र से गीता महोत्सव का शुभारंभ किया है और यह हरियाणा ही नहीं पूरी दुनिया में मनाया जा रहा है। विदेशों में स्थित हाई कमीशन व राजदूत कार्यालयों में पूरे हर्षोल्लास से इस कार्यक्रम को मनाया जाएगा। उन्होंने गीता को सभी प्रश्नों के उत्तर का ग्रंथ बताते हुए कहा कि लोक और परलोक या इससे भी परे का ज्ञान है तो वह गीता में निहित है। उपायुक्त ने कहा कि गीता के 700 श्लोक पूरे जीवन का सार हैं। गीता को पढ़ने और समझने के लिए किसी गुरु की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के मन में यह प्रश्न है कि क्या आत्मा है? क्या परमात्मा है? और क्या व्यक्ति का पुर्नजन्म भी है? इस पर उन्होंने कहा कि इन सभी प्रश्नों का उत्तर गीता में लिखा है। गीता में साकार और निराकार अध्यायों का व्याख्यान है। गीता एक भाव, लहर और गीत है। भगवान श्रीकृष्ण ने योग की स्थिति में गीता को लिखा और पढ़ा। मानव कल्याण के लिए इस महान ग्रंथ को भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के माध्यम से पूरी दुनिया को दिया।
पुनर्जन्म को मानती है गीता
उपायुक्त ने आत्मा के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि बाग के फूलों की सुगंध जिस प्रकार से हवा के साथ एक स्थान से दूसरे स्थान पर चली जाती है, वैसे ही आत्मा एक शरीर से दूसरे शरीर में जाती है। गीता पुनर्जन्म को मानती है। गीता तर्क और प्रमाणित आधार पर विभिन्न स्वरूपों पर विस्तृत व्याख्या करती है। आत्मा के बारे में यह स्पष्ट है कि आत्मा जीव का अंश है। आत्मा देह से अलग है, जिसे वायु सुखा नहीं सकती, अग्नि जला नहीं सकती, शस्त्र काट नहीं सकते और पानी गीला नहीं कर सकता।
इंद्रियों को वश में कर मिलते हैं भगवान
उपायुक्त ने परमात्मा को कण-कण में विद्यमान बताते हुए कहा कि संपूर्ण व्यक्तियों के हृदय में परमात्मा है। परमात्मा सर्वत्र विद्यमान है। उन्होंने कहा कि कबीर ने तो यहां तक भी लिखा है कि चींटी की आवाज को भी परमात्मा सुन सकते हैं, जो यह बताता है कि परमात्मा कण-कण में विद्यमान में है। इंद्रियों को वश में करने वाला व्यक्ति बुद्धि और मन लगाकर परमात्मा को प्राप्त कर सकता है। डीसी ने राजयोग, कर्मयोग और भक्ति योग की भी व्याख्या की और जीवन में मुक्ति और निवारण की युक्तियां भी समझाईं। उन्होंने सभी नागरिकों से शरीर और परिवार का पालन करना व्यक्ति का कर्तव्य बताते हुए कहा कि हर किसी का अधिकार है कि वह परमात्मा को प्राप्त कर सके। उपायुक्त ने स्कूली बच्चों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे जीवन में आगे बढ़ने और जीवन को सार्थक करने के लिए गीता को पढ़ें। इस अवसर पर कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कीर्ति गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा में जन्म लेकर हमें गौरव है। उन्होंने कहा कि गौरव इस बात का है कि भगवान श्रीकृष्ण ने हरियाणा की धरती कुरूक्षेत्र से दुनिया को एक संदेश दिया।
अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. जेके आभीर ने जिला स्तरीय गीता महोत्सव में प्रशासन की तरफ से आए हुए मेहमानों, प्रतिभागियों, कलाकारों, शिक्षाविद्वों, समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा जन प्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा तीन दिवसीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस गीता महोत्सव में भाग लेने वाले सभी नागरिक गीता ग्रंथ के ज्ञान को अपने जीवन में ढालने का प्रयास करें। कार्यक्रम में महाराजा अग्रेसन पब्लिक स्कूल फतेहाबाद, गुरुनानक इंटरनेशनल स्कूल रतिया, डीएवी पब्लिक स्कूल व ऑलिव स्कूल के बच्चों ने गीता के संदेश को प्रदर्शित करते हुए भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों को श्रीमद्भगवत गीता भेंटकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण, हिसार विभाग कार्यवाह आरएसएस बजरंग गोदारा, जिला संघ प्रचारक वीरभान, एसडीएम सतबीर जांगु, देवीलाल सिहाग, डीएसपी रविंद्र तोमर, पूर्व विधायक स्वतंत्र बाला चौधरी, गुलशन हंस, नप अध्यक्ष दर्शन नागपाल, दुर्गेश अरोड़ा, राजेन्द्र भाटिया, जोनी खट्टर, नरेश सरदाना, मंजित शर्मा, सतबीर जीतू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण व विभिन्न स्कूलों के बच्चे उपस्थित थे।