पीड़ित के पिता ने 13 अप्रैल 2015 को सदर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसकी नाबालिग लड़की 11 अप्रैल 2015 को लापता हो गई है।
उसने आरोप लगाया था कि सिरसा के गांव नेजाडेला कलां के निवासी सन्नी उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर घर से भगा ले गया है। पुलिस ने सन्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
19 अप्रैल 2015 को तफ्तीश के दौरान नाबालिग को बस अड्डा सिरसा से आरोपी सन्नी के पास से बरामद किया गया था। पीड़ित नाबालिग का बयान दर्ज कर उसे नारी निकेतन करनाल भेज दिया गया था।
बाद में मेडिकल में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद आरोपी पर धारा 376 भी लगाई गई। अदालत ने 11 दिसंबर को आरोपी सन्नी को नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने का दोषी करार दिया था।