रतिया। नगर पालिका के 10 पार्षदों ने अपनी मांगों के समर्थन में वीरवार को कार्यालय के अंदर धरना दिया। पार्षदों ने नगर पालिका अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष भी जताया।
धरने का नेतृत्व पार्षद विजय कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले पार्षदों ने शहर में विकास कार्य करवाने और नगर पालिका में हुए तीन साल से हो रहे भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर नगर पालिका कार्यालय में धरना लगाया गया था। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से भी की गई थी।
इसके बाद नगर पालिका अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया था कि जो भी उनकी मांगे हैं वह मान ली जाएगी और सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्य भी करवाए जाएंगे। दो-तीन साल में भ्रष्टाचार की शिकायत की गई है उसकी जांच करवाई जाएगी लेकिन उनकी कोई भी मांग पूरी नहीं हुई, और न तो तीन साल में हुए भ्रष्टाचार की जांच करवाई गई है।
इसके अलावा वार्डों में समान रूप से विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर में सफाई व्यवस्था बदहाल बनी हुई है। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। जिन वार्डों में गालियां टूट गई है वहां गलियां नहीं बनाई जा रही। अवैध कॉलोनी में प्रॉपर्टी डीलरों को फायदा पहुंचाने के लिए गालियां बनाई जा रही हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना में भी भ्रष्टाचार किया जा रहा है। जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती मजबूरन उनका धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। वही नगर पालिका सचिव शुभम कुमार का कहना है कि सभी वार्डों में सामान रूप से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। धरने में पार्षद प्रतिनिधि मनदीप शर्मा, अजमेर सिंह, प्रतिनिधि जस्सी चौहान, अजय गुप्ता, सतपाल लडबाल, प्रतिनिधि विक्की, पार्षद गुरप्रीत गोपी, गुरबिंदर सिंह, गौरव शर्मा आदि शामिल रहे।