हरियाणा के फतेहाबाद में डेरा जगमालवाली के संत वकील साहिब के निधन के बाद डेरा बेगम पूरा धाम में शनिवार को श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा गया। देर शाम को संगत पहुंचनी शुरू हुई तो प्रशासन के अधिकारियों ने रोकने का प्रयास किया। अधिकारियों ने कार्यक्रम को लेकर अनुमति मांगी। कमेटी ने कार्यक्रम को लेकर अनुमति पत्र दिखाया, लेकिन अधिकारी नहीं माने। कमेटी का प्रतिनिधिमंडल डीसी और एसडीएम के पास पहुंचा लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
डेरे में कार्यक्रम रोकने को लेकर संगत में रोष फैल गया। मौके पर पहुंचे ड्यूटी मजिस्ट्रेट डीआरओ और शहर थाना प्रभारी ने कहा कि डेरे के अंदर कार्यक्रम नहीं कर सकते है। संगत के कहने पर डेरे के अंदर लंगर चलाने को लेकर अधिकारी तैयार हुए और कार्यक्रम बाहर खेत में करने की तैयारी शुरू की गई।
दरअसल शनिवार को डेरा बेगमपुरा धाम में शांतिपूर्वक ढंग से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया था। डेरे के श्रद्धालु गुरदास, आत्माराम, बलदेव आदि ने बताया कि इसको लेकर पहले एसडीएम कार्यालयों को सूचित भी कर दिया था और अनुमति भी दे दी थी।
शनिवार को श्रद्धांजलि सभा के लिए जब कार्यक्रम पूरा कर लिया गया तो उसी दौरान पुलिस आ गई और कार्यक्रम करने से मना कर दिया। जिससे एक बार फिर विवाद पैदा हो गया। वहीं डेरे के श्रद्धालु डीसी व अन्य अधिकारियों से मिले, लेकिन कोई बात नहीं बन पाई। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु होने के कारण मामला बढ़ता देख डीआरओ को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया।
जिसके बाद टीम वहां पर पहुंच गई। श्रद्धालुओं से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सत्संग करने की अनुमति नहीं है। करीब एक घंटे के बाद प्रशासन ने लंगर करने की अनुमति दे दी। जिसके बाद लंगर शुरू हो गया। लेकिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु होने के कारण मामला बढ़ सकता है। ऐसे में डेरे के अंदर व बाहर पुलिस तैनात रही।