गंगायचा टोल प्लाजा पर पहुंचा पुलिस बल।
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दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा का असर किसान आंदोलन पर दिखने लगा है। बुधवार को रेवाड़ी-रोहतक गंगायचा टोल प्लाजा पर चार जनवरी से धरने पर बैठे किसानों को मौके पर पहुंचे भारी पुलिस बल ने खदेड़ दिया।
किसानों ने विरोध किया तो सरकार के आदेश बताकर टोल को खाली करा दिया गया। यहां पर डीएसपी जमाल खान के नेतृत्व में भारी पुलिस बल टोल प्लाजा पर पहुंचा था। बता दें कि टोल प्लाजा पर भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट की ओर से धरना दिया जा रहा था। यूनियन के जिला प्रधान समय सिंह ने बताया कि पुलिस ने जेल में डालने की धमकी देकर सभी को धरना स्थल से उठा दिया। प्रशासन की ओर से डराया जा रहा है। चार जनवरी से गंगायचा टोल प्लाजा फ्री चल रहा था।
दिल्ली में ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसा का असर आंदोलन पर दिखना शुरू हो गया है। बुधवार सुबह हाईवे के पास 11 से अधिक पंचायतों की ओर से बैठक की गई। इस दौरान दिल्ली-जयपुर हाईवे 48 के मसानी बैराज पर चार जनवरी से धरने पर बैठे किसानों को 24 घंटे में हाईवे खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों और प्रदर्शनकारियों के बीच हाईवे खाली करने को लेकर बहस भी हुई, लेकिन पुलिस ने बीच बचाव कर मामला शांत करा दिया। करीब 30 किमी. दूर हरियाणा-राजस्थान सीमा पर 13 दिसंबर से धरने पर बैठे किसानों के खिलाफ पेट्रोल पंप एसोसिएशन की ओर से मोर्चा खोल दिया गया। एसोसिएशन ने जय किसान आंदोलन के संयोजक एवं खेड़ा बॉर्डर पर किसानों का नेतृत्व कर रहे योगेंद्र यादव का पुतला जलाकर लाल किला पर हुई घटना का विरोध दर्ज कराया है।